एमपी/एमएलए कोर्ट ने भाजपा के बिल्सी विधायक हरीश शाक्य और 15 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
बरेली। एमपी/एमएलए कोर्ट ने भाजपा के बिल्सी विधायक हरीश शाक्य और 15 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इन पर जमीन कब्जाने और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। कोर्ट ने पुलिस को 10 दिनों के भीतर मामला दर्ज कर न्यायालय को सूचित करने का निर्देश दिया है।
बदायूं सिविल लाइंस के निवासी एक युवक ने विधायक और उनके सहयोगियों पर अपनी 20 बीघा जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। युवक ने आरोप लगाया कि 17 सितंबर 2024 को उसकी मां और पत्नी जब विधायक हरीश शाक्य के कैंप कार्यालय पहुंचीं, तो वहां विधायक और अन्य दो व्यक्तियों ने उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़ित द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज न होने पर मामला कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के बाद न्यायाधीश लीलू चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक और अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
एफआईआर दर्ज करने का आदेश जिन लोगों के खिलाफ दिया गया है, उनमें भाजपा विधायक हरीश शाक्य, उनके भाई सतेंद्र शाक्य और धर्मपाल शाक्य, भतीजा ब्रजेश कुमार शाक्य (निवासी कादराबाद), हरीशंकर व्यास (निवासी जालंधरी सराय, थाना सदर कोतवाली), अनेग पाल (निवासी आवास विकास बदायूं), आनंद प्रकाश अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल (निवासी राधेश्याम एनक्लेव सिविल लाइंस बरेली), मनोज कुमार गोयल (निवासी नारायणगंज उझानी), शैलेंद्र कुमार सिंह (निवासी पंजाबी कॉलोनी नारायणगंज उझानी), हरीशचंद्र वर्मा (निवासी डीएम रोड प्रेम नगर बदायूं), विपिन कुमार (निवासी बाहरचुंगी बदायूं), चंद्रवती, दिनेश कुमार, रामपाल, और दिनेशचंद्र शामिल हैं।
मामले में जमीन हड़पने और यौन अपराध जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह मामला राजनीति, सामाजिक न्याय और कानूनी व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। पुलिस को अब मामले में जल्द कार्रवाई करनी होगी और कोर्ट को अपनी प्रगति से अवगत कराना होगा। भाजपा विधायक पर खुलेआम प्रॉपर्टी डीलिंग और जमीनों के धंधे में शामिल होने के पहले भी आरोप लगाते रहे हैं। अब इस पूरे मामले की शिकायत लखनऊ तक की है।