करोड़ों के लोन डिफॉल्ट के बाद सील किए गए हेलो कैफे एंड बार पर दबंगई का बड़ा खेल सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक की कार्रवाई के बावजूद आरोप है कि संचालकों ने ताला तोड़कर दोबारा कब्जा जमा लिया और निगरानी टीम से मारपीट कर उन्हें भगा दिया।
बरेली। करोड़ों के लोन डिफॉल्ट के बाद सील किए गए हेलो कैफे एंड बार पर दबंगई का बड़ा खेल सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक की कार्रवाई के बावजूद आरोप है कि संचालकों ने ताला तोड़कर दोबारा कब्जा जमा लिया और निगरानी टीम से मारपीट कर उन्हें भगा दिया। अब इस मामले में बार संचालकों समेत 15-16 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
राजेंद्रनगर स्थित हेलो कैफे एंड बार के संचालकों ने आशीष रायल टॉवर की संपत्ति खरीदने के लिए करीब 3.24 करोड़ रुपये का लोन लिया था। ईएमआई न चुकाने पर बैंक ने नोटिस भेजा और 9 मार्च को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में संपत्ति को सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
आरोप है कि 31 मार्च की रात और फिर 1 अप्रैल की तड़के करीब 2 बजे संचालकों ने 15-16 लोगों के साथ मिलकर बैंक का ताला और सील तोड़ दी। इसके बाद अवैध रूप से दोबारा कब्जा कर हेलो कैफे एंड बार का संचालन शुरू कर दिया गया।
घटना के दौरान निगरानी कर रही एजेंसी के तीन सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मौके से भगा दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने बैंक की कार्रवाई और कानून व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस संपत्ति की 4 अप्रैल को नीलामी तय की थी, लेकिन अवैध कब्जे के चलते प्रक्रिया रुक गई।अब बैंक दोबारा कब्जा लेकर नीलामी की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी में है। आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा, दोनों की ओर से अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बार संचालकों और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।