बरेली

चपरासी निकला करोड़ों का मास्टरमाइंड: 53 खातों में 5.28 करोड़ फ्रीज, तीन पत्नियों के खातों से खुला गबन का राज

डीआईओएस कार्यालय से जुड़े एक चपरासी की करतूतों ने पूरे शिक्षा विभाग को हिलाकर रख दिया है। करोड़ों के गबन के आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी की परत-दर-परत खुलती कहानी अब बड़े फाइनेंशियल नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है।

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Apr 15, 2026

पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय से जुड़े एक चपरासी की करतूतों ने पूरे शिक्षा विभाग को हिलाकर रख दिया है। करोड़ों के गबन के आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी की परत-दर-परत खुलती कहानी अब बड़े फाइनेंशियल नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है। जांच में सामने आया है कि उसने तीन पत्नियों और एक रिश्तेदार के खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये इधर-उधर किए।

पुलिस जांच में अब तक 53 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। इन खातों में जमा कुल 5.28 करोड़ रुपये को फ्रीज कराया जा चुका है। शुरुआत में गबन की रकम करीब एक करोड़ मानी जा रही थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह आंकड़ा कई करोड़ तक पहुंच गया।

तीन पत्नियां, अलग-अलग जिले, खातों से चला पूरा नेटवर्क

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी की तीन पत्नियां हैं, जो अलग-अलग जिलों में रहती हैं। पहली पत्नी अर्शी खातून निवासी पीलीभीत 33.30 लाख की एफडी, दूसरी पत्नी अजरा निवासी खुर्जा, बुलंदशहर 25 लाख की एफडी वहीं तीसरी पत्नी लुबना निवासी संभल के खाते में लेनदेन की पुष्टि नहीं है। इसके अलावा एक रिश्तेदार महिला के खाते में भी एफडी कराई गई थी, जिसे पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। इल्हाम ने पत्नी के खाते से 90 लाख रुपये जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड (बरेली) और 17.18 लाख रुपये ओरिका होम्स के खाते में ट्रांसफर किए। पुलिस ने दोनों कंपनियों के संचालकों को नोटिस जारी कर रकम से छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए हैं।

98 ट्रांजेक्शन से 1.02 करोड़ निकाले, जांच में बढ़ा दायरा

एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने 12 सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच फर्जी तरीके से वेतन मद में लाभार्थी बनाकर 98 ट्रांजेक्शन के जरिए 1.02 करोड़ रुपये एनईएफटी से निकाल लिए। अब जांच में यह रकम कई गुना ज्यादा निकल रही है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने 2014 से 2026 तक जिले के 35 राजकीय इंटर कॉलेज और 22 सहायता प्राप्त कॉलेज के कर्मचारियों, खातों और भुगतान की पूरी डिटेल जुटाई है।

चार सदस्यीय टीम कर रही जांच, रोज हो रही मॉनिटरिंग

एसपी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। रोजाना उच्च अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि गबन के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। मामले में अर्शी खातून को जेल भेजा गया था, लेकिन उसे जमानत मिल चुकी है। वहीं मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि अब तक 53 खातों में जमा 5.28 करोड़ रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं। मामले की सघन जांच जारी है और हर पहलू की कड़ी निगरानी की जा रही है।

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