पीलीभीत बाईपास पर प्लांट के कब्जे को लेकर हुई दिनदहाड़े फायरिंग को पुलिस ने जिले में संगठित अपराधों को अंजाम देने के आरोपी राजीव राना गैंग पर बड़ी कार्रवाई की है।
बरेली। पीलीभीत बाईपास पर प्लांट के कब्जे को लेकर हुई दिनदहाड़े फायरिंग को पुलिस ने जिले में संगठित अपराधों को अंजाम देने के आरोपी राजीव राना गैंग पर बड़ी कार्रवाई की है। थाना इज्जतनगर के प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय के अनुसार, यह गिरोह अवैध कब्जा, संपत्ति विवाद, और हिंसक अपराधों में लिप्त है। गैंगस्टर एक्ट 1986 और संशोधित अधिनियम 2015 के तहत गिरोह के सभी सदस्यों पर कार्रवाई की जा रही है। थाना इज्जतनगर में इंस्पेक्टर की ओर से सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर दर्ज की गई है।
गिरोह का सरगना राजीव राणा (50 वर्ष) है, जो थाना बारादरी क्षेत्र के रामायण आवास, सुरेश शर्मा नगर का निवासी है। उसके साथ गिरोह के 32 सदस्य शामिल हैं:
इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने कहा, "यह गिरोह लंबे समय से अवैध गतिविधियों में संलिप्त है और इनके अपराधों से जनता में भय और आतंक का माहौल है। जल्द ही सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
यह कार्रवाई जिले में संगठित अपराधों पर रोक लगाने के लिए एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
गैंगस्टर एक्ट के आरोपी राजीव राना ने कहा कि मेरा और मेरे परिवार का बेवजह उत्पीड़न किया जा रहा है। मैं मेरे भाई और मेरे बेटे मौके पर नहीं है। उन्होंने कोई फायरिंग नहीं की। सीसीटीवी से इसकी पुष्टि की जा सकती है। इसके बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मेरे बेटों का कैरियर बर्बाद कर दिया गया। उनके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं है। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्हें इस पूरे मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
रोहित ठाकुर के खिलाफ पुलिस ने रासुका ( राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) NSA की कार्रवाई की थी. रोहित ठाकुर के खिलाफ दर्जन भर से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पीलीभीत बाईपास पर प्लाट के कब्जे को लेकर हुई फायरिंग में रोहित ठाकुर का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह फायरिंग करते सरेआम दिखाई दे रहा है। जिस पर पुलिस ने NSA की कार्रवाई की थी. लेकिन कार्यवाही की मंजूरी नहीं मिल सकी है। अब पुलिस हिस्ट्रीशीटर रोहित ठाकुर के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।