बरेली

माई बार कांड में पुलिस का डबल एक्शन: युवती से मारपीट के बाद अब मैनेजर पर FIR, अवैध डीजे और देर रात शराब परोसने पर शिकंजा

माई बार हेडक्वार्टर में युवती के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक के बाद एक खुलासों के बीच अब पुलिस ने बार के मैनेजर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है।

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Dec 30, 2025

बरेली। माई बार हेडक्वार्टर में युवती के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक के बाद एक खुलासों के बीच अब पुलिस ने बार के मैनेजर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया कि क्रिसमस के मौके पर बिना किसी वैध अनुमति के देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था और नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने मामले की जांच और तेज कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, बार में पहले भी डीजे की आवाज कम करने और तय नियमों का पालन करने की स्पष्ट चेतावनी दी गई थी, लेकिन मैनेजमेंट ने इसे नजरअंदाज कर दिया। दरोगा महावीर सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान मैनेजर नितेश ने सफाई दी कि क्रिसमस का त्योहार होने के कारण डीजे देर रात तक चलाया गया, जबकि इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसी आधार पर ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आधी रात के बाद शराब, वीडियो फुटेज बने सबूत

घटना के बाद आबकारी विभाग ने बार में रात 12 बजे के बाद शराब परोसने की शिकायत पर जांच शुरू करने की बात तो कही, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए वीडियो फुटेज ने देर रात शराब परोसने की पुष्टि कर दी। न्यू ईयर से पहले सभी बार संचालकों को समय-सीमा का नोटिस जारी किया गया था, इसके बावजूद माई बार में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। पुलिस का कहना है कि मामले में हर पहलू से जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

फरार आरोपियों की तलाश तेज

पीड़िता महक गुप्ता की तहरीर पर रोनित श्रीवास्तव, ध्रुव राय, अमन राय, चिराग गुप्ता और सलोनी पटेल के खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस दो आरोपियों शिवम उर्फ काली और लकी दीप को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने दबिशें तेज कर दी हैं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के सहारे जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

आबकारी विभाग की खामोशी पर सवाल

शहर में नियम कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। पूरे बरेली में रात 12 बजे के बाद बारों में खुलेआम शराब परोसी जा रही है, लेकिन आबकारी विभाग की निगाहें कहीं और टिकी हैं। आरोप है कि माई बार हेडक्वार्टर में रात 2 बजे तक शराब परोसी जाती रही, बावजूद इसके चार दिन बीत जाने के बाद भी आबकारी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
नोटिस देकर चुप बैठा विभाग अब सवालों के घेरे में है—क्या यह लापरवाही है या जानबूझकर आंख मूंदना? घटना ने आबकारी तंत्र की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

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