
बदायूं। दातागंज तहसील में महिला अधिवक्ता से कथित अभद्रता के आरोप ने ऐसा तूल पकड़ा कि तहसीलदार और वकीलों के बीच सीधी टक्कर हो गई। हालात यहां तक पहुंच गए कि एक अधिवक्ता ने कुर्सी उठाकर तहसीलदार की ओर फेंक दी। गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
तहसील बार दातागंज की अधिवक्ता आशा दीक्षित का आरोप है कि वह मोहम्मद फईम के मामले में बात करने तहसीलदार रामचंद्र सिंह के कार्यालय पहुंची थीं। उनका कहना है कि जवाब देने के बजाय तहसीलदार ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर माहौल और गरमा गया। महिला अधिवक्ता ने इसे पेशे का अपमान बताते हुए साथियों को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और दर्जनों अधिवक्ता तहसीलदार के दफ्तर में जुट गए। देखते ही देखते कार्यालय नारों से गूंज उठा। तहसीलदार हाय-हाय के नारे लगने लगे। बहस इतनी तीखी हुई कि एक अधिवक्ता ने कुर्सी उठाकर सीधे तहसीलदार की ओर उछाल दी। अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी सहम गए।
करीब एक घंटे तक तहसील परिसर में हंगामा चलता रहा। आम फरियादी दहशत में बाहर खड़े रहे। कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। माहौल ऐसा था मानो किसी बड़े टकराव का मंच बन गया हो। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बीच-बचाव किया। अधिवक्ताओं ने शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। समझाने-बुझाने के बाद स्थिति काबू में आई। देर शाम तक तनाव बना रहा, लेकिन खुला टकराव टल गया।
एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मामूली बात पर विवाद बढ़ गया था, जिसे समझाकर शांत करा दिया गया है। वहीं सीओ दातागंज केके तिवारी ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस जांच कर रही है। दोनों पक्षों में समझौते की भी चर्चा है। दातागंज तहसील की इस घटना ने वकीलों और प्रशासन के रिश्तों पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। अब नजर जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर सच क्या है और किसकी जिम्मेदारी तय होगी।
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Updated on:
28 Feb 2026 10:12 pm
Published on:
28 Feb 2026 09:44 pm
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