हर्षित मिश्रा हत्याकांड ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
पीलीभीत। हर्षित मिश्रा हत्याकांड ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान परिवार ने सीधे तौर पर घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाते हुए कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी मंत्री के सामने रखे।
मुलाकात के दौरान परिजनों ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री को लिखित ज्ञापन सौंपा। परिवार का आरोप है कि इस हत्याकांड में कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जिनके नाम भी उन्होंने मंत्री को बताए। परिजनों ने कहा कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को सौंपा जाए।
हर्षित मिश्रा की मां ने केंद्रीय राज्यमंत्री से मिलकर बेटे की हत्या पर गहरा दुख जताया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। मुलाकात के दौरान हर्षित के भाई वैभव मिश्रा ने अपनी नौकरी को लेकर भी बात रखी। उन्होंने जोधपुर से किसी नजदीकी स्थान पर स्थानांतरण की मांग की, जिस पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसी बीच परिवार की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अहम कदम उठाया। विधायक बाबूराम पासवान ने हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा को राइफल और भाई वैभव मिश्रा को रिवॉल्वर का लाइसेंस सौंपा। इस फैसले को परिवार की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान नगर पालिका चेयरमैन शैलेंद्र गुप्ता, सहकारी गन्ना समिति चेयरमैन नितिन दीक्षित, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, जिला महामंत्री अनुराग अग्निहोत्री, प्रफुल्ल मिश्रा, अनुपम वाजपेयी और नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।