बरेली

परचम कुशाई से 24 अप्रैल को शुरू होगा उर्स ए ताजुश्शरिया, दरगाह पर उमड़ेगा अकीदतमंदों का सैलाब, जायरीन के लिए बड़े इंतजाम

आला हज़रत खानदान से जुड़े उर्स ए ताजुश्शरिया का आगाज़ 24 अप्रैल को परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा। इस दौरान शहर में रौनक अपने चरम पर रहेगी और देश-विदेश से बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचेंगे।

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Apr 20, 2026

बरेली। आला हज़रत खानदान से जुड़े उर्स ए ताजुश्शरिया का आगाज़ 24 अप्रैल को परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा। इस दौरान शहर में रौनक अपने चरम पर रहेगी और देश-विदेश से बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचेंगे। उर्स के पहले दिन शाहबाद और आजम नगर से निकलने वाले दो परचमी जुलूस शहर के कदीमी रास्तों से होते हुए दरगाह आला हज़रत सलामी देते हुए दरगाह ताजुश्शरिया पहुंचेंगे।

जमात रज़ा ए मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव और काजी ए हिंदुस्तान के दामाद फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां की कयादत में निकलने वाले इन जुलूसों का खास आकर्षण रहेगा। दरगाह ताजुश्शरिया पहुंचने पर परचम कुशाई की अहम रस्म काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती असजद मियां अदा करेंगे।

कुरान ख्वानी, नात-ओ-मनकबत और उलेमा की तकरीरें

उर्स के मौके पर 24 अप्रैल की सुबह फज्र की नमाज के बाद दरगाह में कुरान ख्वानी होगी। दिन में नात-ओ-मनकबत का सिलसिला चलेगा, जबकि रात में जामियातुल रज़ा में उलेमा ए इकराम की तकरीरें होंगी। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती ए आज़म का कुल शरीफ अकीदत के साथ अदा किया जाएगा।

25 अप्रैल को कुल शरीफ के साथ होगा समापन

उर्स के दूसरे दिन 25 अप्रैल को फज्र के बाद फिर कुरान ख्वानी होगी। सुबह 7:10 बजे मुफस्सिर ए आज़म हजरत जिलानी मियां का कुल शरीफ अदा किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे जामियातुर रज़ा में शुरू होगा, जबकि शाम 7:14 बजे ताजुश्शरिया के कुल शरीफ के साथ उर्स का समापन होगा।

जोरों पर तैयारियां, जायरीन के लिए खास इंतजाम

फरमान मियां ने बताया कि उर्स की तैयारियां बड़े स्तर पर की जा रही हैं। दरगाह से लेकर जामियातुर रज़ा तक सजावट का काम जारी है। दुनिया भर से उलेमा और अकीदतमंदों के आने की सूचना मिल रही है। उर्स के दौरान अमन-ओ-सुकून बनाए रखने के लिए वॉलिंटियर्स को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जायरीन की सहूलियत के लिए बड़े स्तर पर मेडिकल कैंप और लंगर का भी इंतजाम किया जा रहा है।

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