
बरेली। नगर निगम में कूड़ा उठान के लिए बड़े वाहनों की खरीद में बड़ा खेल सामने आया है। 4.40 करोड़ रुपये के टेंडर में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नियमों को ताक पर रखने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में पूरा मामला खुल गया। निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए टेंडर को निरस्त कर दिया और संबंधित कंपनी की सिक्योरिटी मनी भी जब्त करने के निर्देश दे दिए।
दिसंबर में नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जैम पोर्टल के जरिए बड़े कूड़ा वाहनों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था। इसमें दिल्ली की एक कंपनी ने 11 वाहनों की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया और प्रति वाहन करीब 44 लाख रुपये की दर से बोली लगाई। लेकिन आरोप लगे कि कंपनी ने टेंडर की शर्तों से अलग जाकर दूसरे वाहनों के दस्तावेज लगाकर प्रक्रिया में गड़बड़ी की।
शिकायत मिलने के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने तत्काल जांच के आदेश दिए। अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय की निगरानी में गठित टीम ने जब दस्तावेजों की जांच की तो जैम पोर्टल और कंपनी द्वारा दिए गए कागजों में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में स्पष्ट हो गया कि टेंडर की शर्तों से इतर वाहन दिखाकर पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित कंपनी की सिक्योरिटी मनी जब्त करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई भी प्रक्रिया में है।
अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने बताया कि, “कूड़ा वाहन खरीद मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। जांच में आरोप सही पाए गए हैं, जिसके बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
Published on:
20 Apr 2026 10:52 am
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