जिले में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ है। सोमवार को बीडीए की बोर्ड बैठक में 126.30 हेक्टेयर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल टाउनशिप को विकसित करने की स्वीकृति दे दी गई। इसके लिए चार गांवों के 600 से अधिक किसानों से भूमि खरीदी जाएगी।
बरेली। जिले में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ है। सोमवार को बीडीए की बोर्ड बैठक में 126.30 हेक्टेयर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल टाउनशिप को विकसित करने की स्वीकृति दे दी गई। इसके लिए चार गांवों के 600 से अधिक किसानों से भूमि खरीदी जाएगी। साथ ही बीडीए बोर्ड ने अपने इतिहास के सबसे बड़े 3329.09 करोड़ रुपये के बजट पर भी मुहर लगा दी।
कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार दोपहर बीडीए बोर्ड की 94वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में रहपुरा जागीर समेत चार गांवों में प्रस्तावित नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप को विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस परियोजना के तहत भिटौरा नौगवां उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, चिटौली, रहपुरा जागीर और रसूला चौधरी गांवों के करीब 600 किसानों से 126.304 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति से खरीदी जाएगी।
बीडीए बोर्ड के समक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3329.09 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। इस बजट में इंडस्ट्रियल टाउनशिप और पीलीभीत रोड टाउनशिप योजना के विकास के लिए विशेष धनराशि आरक्षित की गई है। दोनों टाउनशिप की जमीन खरीद और विकास कार्यों के लिए करीब 1498 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बैठक में सदस्य राजेश अग्रवाल ने इंडस्ट्रियल टाउनशिप में कम्युनिटी सेंटर और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए योजना में सार्वजनिक सुविधाओं को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
बोर्ड बैठक में मानचित्र पास कराने के लिए विकास शुल्क को 1450 रुपये से बढ़ाकर 1510 रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। साथ ही आगामी योजनाओं के विकास को गति देने के लिए पांच सहायक अभियंता और दस जूनियर इंजीनियर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। हालांकि 65 वर्ष से अधिक आयु के दो जेई को पुनर्नियुक्ति देने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप के विकसित होने से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। योजना के तहत भूमि खरीद और आंतरिक-बाह्य विकास कार्य पूरे होने के बाद आमजन और उद्योगों के लिए भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, पार्षद शालिनी वर्मा, पूनम और उमेश कठेरिया, अधीक्षण अभियंता विद्युत, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।