शहर के किला क्षेत्र में जिस्मफरोशी का गंदा खेल बेखौफ चल रहा था। बाकरगंज इलाके में एक मकान को ‘हॉटस्पॉट’ बनाकर व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को बुलाया जाता था और फिर घंटों के हिसाब से सौदे तय होते थे।
बरेली। शहर के किला क्षेत्र में जिस्मफरोशी का गंदा खेल बेखौफ चल रहा था। बाकरगंज इलाके में एक मकान को ‘हॉटस्पॉट’ बनाकर व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को बुलाया जाता था और फिर घंटों के हिसाब से सौदे तय होते थे। सोमवार शाम पुलिस ने इस काले कारोबार का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
किला पुलिस को सूचना मिली थी कि याकरगंज चौकी क्षेत्र में सावरी मस्जिद के पास एक मकान में सेक्स रैकेट संचालित हो रहा है। इसके बाद सीओ अंजनी कुमार तिवारी के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। जांच में खुलासा हुआ कि ग्राहकों को व्हाट्सएप पर लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं और वहीं से ‘डील’ फाइनल होती थी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गुड़िया नाम की महिला इस पूरे रैकेट की सरगना है। वह अपने ही घर में कमरे, बेड और अन्य सुविधाएं मुहैया कराकर देह व्यापार चलाती थी। प्रति घंटे 500 से 1000 रुपये तक वसूली होती थी, जिसमें उसका मोटा कमीशन तय था।
दबिश के दौरान पुलिस ने गुड़िया के साथ गाजियाबाद निवासी कोमल उर्फ स्वाति (कॉलगर्ल), बारादरी के चक नवादा निवासी मोनिश और बाकरगंज निवासी चांद को गिरफ्तार किया। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई, जिससे रैकेट के संगठित तरीके से चलने की पुष्टि हुई।
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब पता चला कि कोमल उर्फ स्वाति अपने एक साल के बच्चे के साथ यहां देह व्यापार करने आई थी। गिरफ्तारी के समय बच्चा भी मौके पर मौजूद था। पुलिस ने मां के साथ बच्चे को भी जेल भेज दिया, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।
किला इंस्पेक्टर सुभाष कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शहर में इस तरह के रैकेट पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर ऐसे नेटवर्क को पनपने नहीं दिया जाएगा।