बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र के अलीनगर जंगल में सोमवार सुबह पुलिस और गौ-तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली से यासीन खां घायल हुआ, जबकि फायरिंग में दरोगा योगेंद्र सिंह जख्मी हुए। पुलिस ने यासीन और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर गोवंश व हथियार बरामद किए।
बरेली। नवाबगंज थाना क्षेत्र के अलीनगर गांव के जंगल में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गो-तस्करों और पुलिस के बीच आमना-सामना होते ही गोलियां चलने लगीं। मुठभेड़ में एक ओर जहां पुलिस की गोली लगने से एक तस्कर घायल हो गया, वहीं तस्करों की फायरिंग में एक दरोगा भी जख्मी हो गया। मौके से पुलिस ने घायल तस्कर समेत उसके दो बेटों को दबोच लिया।
पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि अलीनगर गांव के जंगल में कुछ लोग गो-तस्करी की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस करीब पहुंची, तस्करों ने तमंचे से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक तस्कर घायल हो गया। घायल तस्कर की पहचान हाफिजगंज थाना क्षेत्र के लभेड़ा गांव निवासी यासीन खां के रूप में हुई है। पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर तुरंत अस्पताल भेजा। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मुठभेड़ के दौरान तस्करों की फायरिंग में उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह भी घायल हो गए। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने मौके से यासीन खां के दो बेटों अफजल खां और अजमल खां को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से एक तमंचा, कारतूस, छुरी, रस्सी और लकड़ी बरामद हुई है। साथ ही एक रस्सी से बंधा गोवंश भी पुलिस ने मुक्त कराया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी करीब एक माह पहले सतईया गांव में हुई गोकशी की घटना में भी शामिल थे। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था। मुठभेड़ के बाद पुलिस अब इनके अन्य साथियों और तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।