बरेली

धान कटाई पर आफत बनी बारिश, खेतों में गिरी फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पीलीभीत और बरेली में मंगलवार सुबह तेज बारिश और हवा चली, जिससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई। कटाई के बीच हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई जगहों पर बिजली गुल होने और पेड़ गिरने से हालात और मुश्किल हो गए।
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Oct 07, 2025
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बरेली/पीलीभीत। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पीलीभीत और बरेली में मंगलवार सुबह तेज बारिश और हवा चली, जिससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई। कटाई के बीच हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई जगहों पर बिजली गुल होने और पेड़ गिरने से हालात और मुश्किल हो गए।

सोमवार देर शाम से ही मौसम करवट लेने लगा था। रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही और मंगलवार सुबह झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया। किसानों का कहना है कि धान की कटाई का समय चल रहा है, ऐसे में बारिश से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। अगर अगले एक-दो दिन और बारिश हुई, तो खेतों में खड़ी फसल सड़ सकती है।

किसानों ने बताया कि तेज हवा और बारिश से कई जगह बालियां झुक गईं। इससे कटाई मुश्किल हो जाएगी और उत्पादन भी घटेगा। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से मशीनों का इस्तेमाल ठप पड़ गया है। उधर, बरेली में भी मंगलवार सुबह करीब नौ बजे से एक घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी ठहर गया।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक, बरेली से मानसून विदा हो चुका है, लेकिन पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यह बारिश हो रही है। यदि मौसम का यही रुख रहा, तो आने वाले दिनों में किसानों को और नुकसान झेलना पड़ सकता है।