
पीलीभीत। जमीन के लालच ने भाई-भाई के रिश्ते को खून से रंग दिया। सात बीघा जमीन के विवाद में मझले भाई ने छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। लाठी-डंडों से पीटकर युवक की जान ली गई और फिर सबूत मिटाने के इरादे से घर के भीतर ही करीब आठ फुट गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया गया। यह खौफनाक सच तब सामने आया, जब बड़े भाई की शिकायत पर पुलिस गांव पहुंची और सख्ती से पूछताछ की। टूटते हुए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गांव में सनसनी फैल गई, हर चेहरा सन्न, हर आंख नम।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के भौरूआ गांव निवासी 35 वर्षीय हंसराज पुत्र करन सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह बड़े भाई पृथ्वीराज के साथ रहता था, जबकि मझला भाई नक्षत्रपाल सिंह अपनी ससुराल, थाना बिलसंडा क्षेत्र के लिलहर गांव में परिवार समेत रह रहा था। परिजनों के मुताबिक ननिहाल में मिली सात बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से भाइयों में तनातनी चल रही थी। 12 दिसंबर को हंसराज बड़े भाई को बताकर लिलहर गया, लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आया। जब कई दिनों तक कोई खबर नहीं मिली, तो बड़े भाई पृथ्वीराज का शक गहराया। आखिरकार उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और सीधे मझले भाई पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस की कड़ाई के आगे नक्षत्रपाल ज्यादा देर नहीं टिक सका। उसने स्वीकार किया कि 14 दिसंबर को उसने पहले गांव के बाहर मंडी के पास हंसराज को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसे घर लाया गया, जहां मारपीट के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आरोपी ने इंसानियत को भी दफना दिया—घर के भीतर गड्ढा खोदा और शव को जमीन में छिपा दिया।
शुक्रवार शाम करीब चार बजे पुलिस ने गांव पहुंचकर गड्ढा खुदवाने की कार्रवाई शुरू की। सूचना पर सीओ बीसलपुर प्रगति चौहान भी मौके पर पहुंचीं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए। शव बरामदगी की प्रक्रिया जारी है। इस जघन्य वारदात ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जमीन की लालसा इंसान को इतना अंधा कर देती है कि वह अपने ही भाई का कातिल बन जाए? लिलहर गांव आज इसी सवाल के साथ सन्नाटे में डूबा है।
संबंधित विषय:
Published on:
26 Dec 2025 09:36 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
