पीलीभीत बाइपास पर फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी राजीव राना प्रॉपर्टी कारोबारी से भू माफिया और अब गैंगस्टर हो गए हैं।
बरेली। पीलीभीत बाइपास पर फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी राजीव राना प्रॉपर्टी कारोबारी से भू माफिया और अब गैंगस्टर हो गए हैं। एसएसपी अनुराग आर्य ने राजीव राणा को सरगना बनाते हुए 33 अपराधियों का गैंग रजिस्टर्ड कर दिया है। इसके अलावा सात अन्य गिरोहों को भी सूचीबद्ध किया है, जिनमें कुल 57 सदस्यों सहित 65 अपराधियों को रजिस्टर्ड किया गया है।
मुख्य आरोपी राजीव राना का भूमाफिया गैंग भी 33 सक्रिय सदस्यों सहित पंजीकृत किया गया है, जिनमें केपी यादव और ललित सक्सेना जैसे सदस्य शामिल हैं।एसएसपी ने फायरिंग प्रकरण और अन्य कई घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल आठ गिरोहों का पंजीकरण किया है। हथियार तस्करी के मामले में लालाराम, निवासी मुड़िया हाफिज थाना भोजीपुरा, और उसके दो सहयोगियों का गिरोह भी पंजीकृत किया गया है।
मुख्य आरोपी राजीव राना के गिरोह को पंजीकृत करने के बाद पुलिस अब आदित्य उपाध्याय और उसके गुट पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। आदित्य के गैंग को भी अलग से पंजीकृत कर, उसके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शराब तस्करी से जुड़े सचिन उर्फ सज्जन, निवासी मोहल्ला कुंवरगंज थाना तिलहर, शाहजहांपुर का गिरोह भी सूचीबद्ध किया गया है। इसके अतिरिक्त पशु तस्करी और गोकशी करने वाले शाकिर कुरैशी, अफजाल उर्फ छोटे, इमरान उर्फ झम्मन, और अकरम के गिरोह भी पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें क्रमशः 11, 4, 4, और 6 सदस्य शामिल हैं। लूटपाट से जुड़े रजत उर्फ गुलचम के गिरोह को भी 2 अन्य सदस्यों के साथ सूचीबद्ध किया गया है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि गिरोहों का पंजीकरण होने के बाद सभी सरगनाओं और सदस्यों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्तियों का भी चिह्नांकन किया जाएगा। प्रशासन की मदद से इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। करोड़ों की काली कमाई को नीलाम किया जाएगा। धन को सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा।