इस बार सबसे ऊँचे रावण के पुतले का दहन वनखंडिनाथ रामलीला में किया जाएगा। यहाँ रावण के पुतले की ऊंचाई 88 फीट है
बरेली। आज हर तरफ महंगाई का शोर है और महंगाई पर जमकर राजनीति भी हो रही है। लेकिन आस्था के आगे महंगाई ने भी अपने घुटने टेक दिए है। शायद यही कारण है कि बढ़ती महंगाई के बीच रावण के पुतलों की ऊंचाई कम होने की जगह बढ़ गई है। शहर में होने वाली रामलीला में इस बार रावण के पुतलों की ऊंचाई पिछली बार की तुलना में ज्यादा रखी गई है। शहर में प्रमुख जगहों पर लगने वाले रावण के पुतलों की ऊंचाई कहीं पर 88 फीट है तो कहीं 45 फीट रखी गई है।
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जोगीनवादा का रावण सबसे ऊंचा
शहर में कई जगहों पर रामलीला का मंचन हो रहा है। रामलीला में विजयदशमी वाले रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इनमे जोगीनवादा की वनखंडीनाथ रामलीला, चौधरी तालाब की रामलीला के साथ ही पर्वतीय समाज की रामलीला, राजेंद्रनगर, कटरा चाँद खां और बीआइ बाजार की रामलीला प्रमुख है। इस बार सबसे ऊँचे रावण के पुतले का दहन वनखंडिनाथ रामलीला में किया जाएगा। यहाँ रावण के पुतले की ऊंचाई 88 फीट है जबकि इसी रामलीला में मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों की ऊंचाई 70 फ़ीट है।
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कहाँ कितना ऊंचा रावण
शहर में होने वाली रामलीला में जोगीनवादा में सबसे ज्यादा ऊँचे रावण के पुतले का दहन होगा। यहाँ पर 88 फ़ीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है। चौधरी तालाब की रामलीला में 60 फ़ीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है यहाँ पर मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों की ऊंचाई 50 फ़ीट रखी गई है। सदर बाजार, सुभाषनगर और पर्वतीय समाज की रामलीला में 45 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।