बारादरी क्षेत्र के रबड़ी टोला मोहल्ले में मकान के कब्जे को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध करने वालों ने फायरिंग कर दी। आरोप है कि मकान पर कब्जा करने गए युवक से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और इंकार पर गोली चला दी गई। पीड़ित ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बरेली। बारादरी क्षेत्र के रबड़ी टोला मोहल्ले में मकान के कब्जे को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध करने वालों ने फायरिंग कर दी। आरोप है कि मकान पर कब्जा करने गए युवक से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और इंकार पर गोली चला दी गई। पीड़ित ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रबड़ी टोला निवासी मोहम्मद शोएब पुत्र शरीफ ने बताया कि उसने अपने साथी मोहम्मद जीशान के साथ दादू कुआं स्थित 110 वर्गगज का मकान खरीदा था। इस संपत्ति में से 55 वर्गगज का हिस्सा राहत उल्ला पुत्र वजाहत उल्ला ने 21 मई को जीशान के नाम रजिस्ट्री किया, जबकि शेष हिस्सा शोएब के नाम पर मुहायदावय के माध्यम से दर्ज किया गया।
शोएब अपने साथियों जीशान और इजहार के साथ मकान पर कब्जा लेने पहुंचा, तो वहां रह रहे राहिल, फराज और रईस मियां ने कब्जे का विरोध करते हुए कहा कि यदि कब्जा चाहिए तो पहले 10 लाख रुपये देने होंगे। अन्यथा जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद गाली-गलौज कर उन्हें मौके से भगा दिया। शोएब ने मामले की शिकायत एसएसपी अनुराग आर्य से की जिसके बाद बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसके दो दिन बाद शोएब अपने साथियों मोहम्मद जीशान, इजहार, आशू खान, उनैस अहमद और सैयद असद अली के साथ मोटरसाइकिल पर शहादाना पुल से कंपनी बाग की ओर जा रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे राहिल, फराज और उनका मामा इकराम ने उन्हें रोक लिया। शोएब का आरोप है कि राहिल के हाथ में तमंचा था और उसने सीधा फायर किया, जो उसकी बाइक पर लगा। इसके बाद इकराम ने दूसरा तमंचा निकालकर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि अगली बार अगर मकान पर नजर डाली तो जिंदा नहीं बचोगे।