बरेली

रुवि की लापरवाही से बिगड़ा परीक्षा शेड्यूल: ऐन वक्त पर टली परीक्षा, केंद्रों पर मचा हड़कंप, अब इस दिन होगी परीक्षा

रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार सुबह पहली पाली में होने वाली बीएससी (गणित, सांख्यिकी और रक्षा अध्ययन) माइनर की परीक्षा ऐन वक्त पर स्थगित कर दी गई।

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Feb 04, 2026

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार सुबह पहली पाली में होने वाली बीएससी (गणित, सांख्यिकी और रक्षा अध्ययन) माइनर की परीक्षा ऐन वक्त पर स्थगित कर दी गई। परीक्षा से करीब एक घंटा पहले रुवि प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया, जिससे कॉलेजों में हड़कंप मच गया और छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा दिए ही लौटना पड़ा।

सुबह नौ बजे से परीक्षा शुरू होनी थी। नोडल सेंटर से प्रश्नपत्र कॉलेजों की ओर रवाना हो चुके थे और प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। इसी बीच रुवि प्रशासन का आदेश पहुंचा कि संबंधित माइनर विषयों की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। आदेश मिलते ही केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई।

बरेली कॉलेज में 1646 परीक्षार्थी पंजीकृत

बरेली कॉलेज जैसे बड़े केंद्र पर पहली पाली में 1646 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। तीनों माइनर विषयों के छात्र-छात्राओं को शिक्षकों ने समझा-बुझाकर वापस भेजा। नई तिथि की जानकारी जल्द देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन छात्रों में नाराजगी साफ नजर आई।

छात्रों में आक्रोश, अंतिम समय की सूचना से बढ़ी परेशानी

लगातार बदलती तिथियों और अव्यवस्था से छात्र-छात्राएं भड़क गए। छात्र सचिन, अभिषेक, प्रिया सहित कई छात्रों ने कहा कि अगर परीक्षा टालनी थी तो पहले ही सूचना दी जानी चाहिए थी। दूर-दराज से आए विद्यार्थियों को बेवजह खर्च और समय की बर्बादी झेलनी पड़ी। छात्रों का आरोप है कि पहले पांच फरवरी की तारीख बताई गई, फिर उसे भी बदल दिया गया।

कारण नहीं बताया, अब 16 फरवरी को होगी परीक्षा

परीक्षा स्थगित करने का ठोस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट नहीं किया। परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक जिन केंद्रों पर बीए, बीएससी और बीकाम के (गणित, सांख्यिकी और रक्षा अध्ययन) माइनर विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी है, वहां अब यह परीक्षा 16 फरवरी को पूर्व निर्धारित पाली में कराई जाएगी। जिन विद्यार्थियों ने मंगलवार को परीक्षा दे दी है, उन्हें दोबारा शामिल नहीं होना होगा।

लगातार गड़बड़ियों से साख पर बट्टा

रुवि की इस लापरवाही ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार ऐन वक्त पर फैसले बदलना न सिर्फ अव्यवस्था को दिखाता है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।

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