
BJP Leader Murder Case Update: उत्तर प्रदेश के बरेली में भाजपा नेता और मणिनाथ मंडल अध्यक्ष सचिन कश्यप की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने उन्हें पहले धमकी दी थी और इसके बाद रेकी कर रास्ते में घेरकर हमला किया। हमले में सचिन कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बीती रात सचिन कश्यप अपने एक दोस्त को उसके घर छोड़ने जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने रेकी कर उन्हें रास्ते में घेर लिया। आरोप है कि इसके बाद बाबू, अमित, आशीष समेत कई लोगों ने सचिन कश्यप पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि सचिन कश्यप की इलाके के ही कुछ लोगों से पुरानी अदावत चल रही थी। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ दिन पहले सचिन कश्यप को हत्या की धमकी भी दी गई थी। हालांकि, उन्होंने कथित धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। अब पुलिस इस पुराने विवाद को हत्या की वजह से जोड़कर भी जांच कर रही है।
हमले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन और पुलिस घायल सचिन कश्यप को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर गए। सचिन कश्यप की हालत गंभीर थी और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।
घटना के बाद पुलिस ने सचिन कश्यप के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस हत्या की वजह, हमले में शामिल लोगों और घटना से पहले सचिन कश्यप की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश ही मुख्य वजह थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
पुलिस अब नामजद और बताए जा रहे आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी वजह और वारदात में शामिल आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।