बरेली। पति आलोक मौर्या और होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के बाद एक बार फिर सेमीखेड़ा चीनी मिल की जीएम रही ज्योति मौर्या सुर्खियों में आ गई है। वह पूरी क्षमता से चीनी मिल नहीं चलवा पाईं। बार-बार पेरोई ठप होने पर किसान परेशान थे। अधिकारियों ने जीएम ज्योति मौर्या का तबादला चीनी मिल के लखनऊ मुख्यालय में किया है। उनकी जगह सदाब असलम को तैनाती दी गई है। अभी तक उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
तकनीकी खामी के कारण ठप होती रही पेरोई
पेराई सत्र शुरू होने के बाद से चीनी मिल चर्चा में बनी हुई है। 19 नवंबर को पटला पूजन होने के बाद भी चीनी मिल में पेराई शुरू नहीं हो सकी। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी। इसके बाद 28 नवंबर से पेराई शुरू हुई। पूरी क्षमता पर फिर भी मिल नहीं चल सकी। तकनीकी खामी की वजह से आए दिन चीनी मिल में पेरोई ठप होती रही।
निरीक्षण में डीएम ने जीएम की लगाई थी फटकार
इस वजह से किसान परेशान थे। गन्ना सट्टा बंद करने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के कई किसानों ने गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह से भी शिकायत की थी। पिछले सोमवार को चीनी मिल का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने जीएम की फटकार भी लगाई थी। बार- बार चीनी मिल बंद होने से किसानों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद जीएम ज्योति मौर्या का तबादला कर दिया गया है।
मनीष दुबे से जताया था जान का खतरा
पति आलोक मौर्या ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी के अवैध संबंध गाजियाबाद में होमगार्ड कमांडेंट के पद पर तैनात मनीष दुबे से है। उन्होंने अपनी जान का खतरा भी जताया था। मनीष दुबे को सस्पेंड कर दिया गया था।