एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में शनिवार को साइको डर्मेटोलॉजी संगम 2025 का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी मनोरोग (साइकाइट्री) और त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई।
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में शनिवार को साइको डर्मेटोलॉजी संगम 2025 का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी मनोरोग (साइकाइट्री) और त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई। इसमें देशभर से आए विशेषज्ञों ने मानसिक और त्वचा रोगों के बीच गहरे संबंध पर व्याख्यान दिए।
साइकोडर्मेटोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PDAI) के अध्यक्ष डॉ. कौशिक लाहिरी ने बताया कि चिंता, तनाव और डिप्रेशन शरीर में हार्मोनल बदलाव लाते हैं, जिससे मुंहासे, सोरायसिस, एक्जिमा और बाल झड़ने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। वहीं, त्वचा की बीमारियां भी व्यक्ति के आत्मविश्वास को तोड़कर उसे अवसाद की ओर धकेल देती हैं। ऐसे मरीजों का इलाज केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि काउंसलिंग और संयुक्त उपचार से ही संभव है।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि डॉ. कौशिक लाहिरी ने कहा कि जैसे गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम पवित्र है, वैसे ही साइकाइट्री और डर्मेटोलॉजी का यह संगम मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का स्नान है, जिससे मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।
कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एम.एस. बुटोला ने बताया कि इस वर्ष कॉलेज में अब तक 27 सीएमई और वर्कशॉप आयोजित हो चुकी हैं।
ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. पी.के. परडल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. मधुरकांत रस्तोगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. रूपाली रोहतगी ने किया।
डॉ. कौशिक लाहिरी (कोलकाता) – साइकोडर्मेटोलॉजी का महत्व, सौंदर्य उत्पादों के डर्मोसाइकियाट्रिक प्रभाव और सोशल मीडिया की भूमिका।
डॉ. अभिनिता होस्थोता (बेंगलुरु) – साइको-फिजियोलॉजिकल स्किन डिसऑर्डर।
डॉ. तरुण नारंग – त्वचा संबंधी रोगों पर मनोसामाजिक तनाव का प्रभाव।
डॉ. शुभ मोहन सिंह (PGI चंडीगढ़) – इरेक्टाइल डिसफंक्शन मैनेजमेंट।
मेजर (डॉ.) शिव प्रसाद डी – साइकोफार्माकोलॉजी।
डॉ. मधुरकांत रस्तोगी – साइको-न्यूरो और त्वचा संबंधी अंतर्संबंध।
इसके अतिरिक्त, तनाव प्रबंधन की कार्यशाला भी आयोजित हुई, जिसमें डॉ. सुप्रिया डीसिल्वा, अर्चना धनकर और अजेता जोशी ने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
इस मौके पर ट्रस्ट एडवाइजर सुभाष मेहरा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.पी. सिंह, डीन पीजी डॉ. रोहित शर्मा, डीन यूजी डॉ. बिंदु गर्ग, डॉ. वी.के. चावला, डॉ. सुधांशु मोहन शुक्ला, डॉ. प्रतीक गहलोत, डॉ. दीपक चरन, विभिन्न विभागाध्यक्ष और पीजी विद्यार्थी मौजूद रहे।