पिछले कई सालों में बरेली में धोखाधड़ी और ठगी का कारोबार कर दो एक हजार करोड़ का चूना लगाने वाले धोखेबाजों पर बरेली के एसएसपी आईपीएस अनुराग आर्य ने शिकंजा कस दिया है। दोनों आरोपियों को बरेली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर बना दिया है।
बरेली। पिछले कई सालों में बरेली में धोखाधड़ी और ठगी का कारोबार कर दो एक हजार करोड़ का चूना लगाने वाले धोखेबाजों पर बरेली के एसएसपी आईपीएस अनुराग आर्य ने शिकंजा कस दिया है। दोनों आरोपियों को बरेली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर बना दिया है। पुलिस उनके मुकदमों में चार्जशीट दाखिल कर रही है। जल्द ही उनकी करोड़ों की प्रॉपर्टी को गैंगस्टर एक्ट में सील कर नीलाम किया जाएगा।
चिट फंड और कम समय में रुपये दोगुने करने का लालच देकर हजार करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले दो 200 करोड़ की ठगी के आरोपी राजेश मौर्य जेल में है, जबकि 800 करोड़ की ठगी का आरोपी कन्हैया गुलाटी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी को बरेली पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। उसके मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया है। उसके करीबी भी पुलिस के रडार पर हैं।
कन्हैया गुलाटी के खिलाफ अब तक 61 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और पिछले 10 साल से उस पर लगातार धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं, लेकिन पुलिस की मिलीभगत का आलम यह रहा कि अब तक वह एक भी मुकदमे में गिरफ्तार नहीं हुआ और उसके खिलाफ एक दो मुकदमों को छोड़कर अन्य सभी मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। अब पिछले छह माह से एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश के बाद कन्हैया गुलाटी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज की है।
पुलिस के मुताबिक कैनविज ग्रुप के एमडी कन्हैया गुलाटी और उसके पदाधिकारियों पर उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में कुल 61 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 55 मुकदमे अकेले बरेली के प्रेमनगर, सुभाषनगर, बारादरी, फरीदपुर, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी थानों में हैं—जिनमें से अधिकांश हाल के महीनों में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा अयोध्या और कासगंज में एक-एक, शाहजहांपुर में दो, झारखंड के रांची (अरगोड़ा थाना) और बिहार के बेगूसराय नगर थाना में एक-एक मुकदमा दर्ज है।
बरेली में दर्ज मामलों की जांच एसपी ट्रैफिक मो. अकमल खान के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है, लेकिन अब तक फरार कन्हैया गुलाटी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी बीच निवेशक लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि उनकी जमा-पूंजी लौटाने की ठोस व्यवस्था की जाए।
राजेश मौर्य: मामलों में चार्जशीट दाखिल, जेल में बंद है। शातिर राजेश मौर्य ग्रीन पार्क इलाके में श्रीगंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से ठगी का नेटवर्क चला रहा था। रकम वापस न मिलने पर 7 जुलाई 2018 को आक्रोशित निवेशकों ने कंपनी के ऑफिस पर हंगामा किया। इसी बीच राजेश मौर्य परिवार समेत दो गाड़ियों में फरार हो गया। आरोप है कि इस गिरोह ने निवेशकों को करीब 200 करोड़ रुपये का चूना लगाया। बाद में पुलिस ने उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया।
रकम हड़पने वाले कैनविज ग्रुप के एमडी कन्हैया गुलाटी और श्रीगंगा इन्फ्रासिटी के डायरेक्टर राजेश मौर्य की थाना बारादरी में हिस्ट्रीशीट खोली गई है। गुलाटी के मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। अनुराग आर्य, एसएसपी बरेली