बरेली

दरोगा-सिपाहियों के सिंडिकेट को तोड़ेंगे एसएसपी, बरेली में तैनात इन पुलिसकर्मियों का होगा ट्रांसफर

भुता क्षेत्र में हुए पुष्पेंद्र हत्याकांड के बाद बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने जिले में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों का तबादला करने का निर्णय लिया है।
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Nov 10, 2024
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बरेली। भुता क्षेत्र में हुए पुष्पेंद्र हत्याकांड के बाद बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने जिले में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों का तबादला करने का निर्णय लिया है। तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पर तैनात पुलिसकर्मियों को दूसरी जगह भेजा जाएगा। बरेली एसओजी में सबसे ज्यादा गड़बड़ी करने वाले दागदार दरोगा और सिपाही हैं जो पिछले कई सालों से शहर में ही जमे हैं।

हेड मोहर्रिर, बीट सिपाही और ड्राइवर चला रहे थाने

बरेली जिले के कई थानों में लंबे समय से तैनात हेड मोहर्रिर, ड्राइवर से लेकर बीट के सिपाही पूरे थाना संचालन में शामिल हो गए हैं। ये पुलिसकर्मी थानों में वसूली, ओवरलोड वाहनों का संचालन, अवैध खनन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं। उत्तराखंड बॉर्डर से जुड़े थाना क्षेत्रों में आने वाले बालू और बजरी के अवैध परिवहन से भी ये पुलिसकर्मी जुड़ रहे हैं। विशेष रूप से कुछ पुलिसकर्मियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं, जो थानों के इंस्पेक्टरों और प्रमुख पदाधिकारियों के करीबी माने जाते हैं।

भुता में पुलिसकर्मी की संदिग्ध गतिविधियों के बाद एसएसपी ने लिया निर्णय

भुता में पुष्पेंद्र हत्याकांड के दौरान भी एक सिपाही की आपराधिक तत्वों से नजदीकी संबंध होने की बात सामने आई, जिसने इस फेरबदल की आवश्यकता को और भी स्पष्ट किया है। इस घटनाक्रम के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस की छवि सुधारने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष कदम उठाने का फैसला लिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने जनहित में एक गोपनीय हेल्पलाइन नंबर 9917020009 जारी किया है, जिस पर शहरवासी लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। एसएसपी के अनुसार, तीन साल या उससे अधिक समय से एक स्थान पर तैनात सभी श्रेणी के पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा।

शहर में वर्षों से रहने वाले पुलिसकर्मी बनाते हैं अपने संपर्क

शहर में ऐसे कई पुलिसकर्मी हैं, जो अपने पैतृक गांव का पता रिकॉर्ड में दर्ज कराते हैं, परंतु वर्षों से बरेली शहर में ही घर बनाकर रह रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों की स्थानीय अपराधियों और अन्य संदिग्ध लोगों के साथ मित्रता होने की शिकायतें भी मिलती रही हैं। इसकी वजह से वह सिंडिकेट बनाकर काम करते हैं।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने स्पेशल 56 का किया था ट्रांसफर

पुलिस विभाग की छवि को साफ रखने के लिए तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बरेली के दागी स्पेशल 56 पुलिस वालों के ट्रांसफर किए थे। इनमें से एक दर्जन पुलिस वालों को जोन के बाहर भेजा गया था। अन्य पुलिसकर्मियों को जिले में ही दूसरे थानों में तैनात किया गया था। लेकिन इसके बाद उनके ट्रांसफर के बाद पुलिसकर्मी फिर उन्हीं थानों में लौट गए हैं। स्मैक, शराब और सट्टा माफियाओं से हफ्ता वसूली में लगे हैं। बरेली एसओजी जी में भी कई दागी दरोगा और सिपाही है। वह शहर में जुआ सट्टा नकली तेल, डीजल का रैकेट चला रहे हैं।

Updated on:
10 Nov 2024 10:20 am
Published on:
10 Nov 2024 10:20 am