बरेली

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती… टाइगर रिजर्व की सड़कों पर वाहनों की एंट्री पर रोक, जानें वजह

टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। सोमवार से जंगल क्षेत्र की सड़कों पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। आदेश जारी होते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और संबंधित मार्गों पर सख्ती शुरू कर दी गई।

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Mar 02, 2026

पीलीभीत। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। सोमवार से जंगल क्षेत्र की सड़कों पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। आदेश जारी होते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और संबंधित मार्गों पर सख्ती शुरू कर दी गई।

रविवार रात प्रभागीय वनाधिकारी भरत कुमार ने निर्देश जारी करते हुए बताया कि 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात में वाहनों की आवाजाही रोकी जाए, जिससे दुर्घटनाओं और शिकार की आशंका पर अंकुश लगाया जा सके।

इन मार्गों पर लागू रहेगा प्रतिबंध

वन विभाग ने जिन प्रमुख मार्गों पर रोक लगाई है, उनमें पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग, पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग और माधोटांडा-खटीमा मार्ग शामिल हैं। ये तीनों सड़कें टाइगर रिजर्व के घने वन क्षेत्र से होकर गुजरती हैं, जहां बाघ समेत कई संरक्षित वन्यजीव विचरण करते हैं। रात के समय अक्सर वन्यजीव सड़क पार करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं में लगे वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मानवीय आपात स्थिति में आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी, लेकिन सामान्य यातायात पूरी तरह बंद रहेगा।

सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में कदम

वन विभाग का मानना है कि इस फैसले से बाघ और अन्य वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में बाधा कम होगी। साथ ही अवैध शिकार और तस्करी जैसे मामलों पर भी अंकुश लग सकेगा। प्रशासन ने संबंधित मार्गों पर बैरियर और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जंगल की रातें अब फिर से प्राकृतिक सन्नाटे में लौट सकेंगी।

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