बरेली

एमजेपीआरयू में छात्रों की खुली बगावत, वीसी लापता के नारों से दहला कैंपस, कुलपति कार्यालय घेरकर धरना

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में सोमवार को छात्र राजनीति गरमा गई। समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर प्रदर्शन किया और कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। कैंपस में वीसी लापता और छात्रों का शोषण बंद करो जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
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Mar 30, 2026
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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में सोमवार को छात्र राजनीति गरमा गई। समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर प्रदर्शन किया और कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। कैंपस में वीसी लापता और छात्रों का शोषण बंद करो जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।

समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष अविनाश मिश्रा अपने साथियों के साथ दोपहर करीब एक बजे विश्वविद्यालय पहुंचे थे। उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपना था, लेकिन कुलपति के कार्यालय में मौजूद न होने पर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा और विरोध प्रदर्शन धरने में बदल गया।

छात्रों ने गिनाईं समस्याएं, लगाए गंभीर आरोप

छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हॉस्टलों में अव्यवस्था का आलम है, माइग्रेशन सर्टिफिकेट की फीस बढ़ाकर छात्रों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और हाल ही में हुई शिक्षक नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। छात्रों का कहना है कि इन मुद्दों पर प्रशासन लगातार चुप्पी साधे हुए है। अविनाश मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुलपति प्रो. केपी सिंह अब तक न तो किसी ज्ञापन को स्वीकार करते हैं और न ही उस पर कोई कार्रवाई होती है। उन्होंने मांग की कि शिक्षक नियुक्तियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि छात्रों और अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।

तख्तियों और नारों से जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता कुलपति लापता और छात्रों का शोषण बंद करो लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे थे। उन्होंने जोरदार नारेबाजी कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। कुछ देर तक कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में छात्रों का असंतोष और बढ़ता नजर आ रहा है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।