
बरेली। केंद्र सरकार तलाक पर कानून बनाने को लेकर अध्यादेश लेकर आई है और इस पर 27 दिसंबर को लोकसभा में कार्रवाई होनी है बावजूद इसके तलाक के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहें है .ताजा मामला बरेली की एक महिला का जहाँ पर शौहर के अवैध संबंधों का विरोध करने पर उसको तलाक देकर घर से निकाल दिया गया। तलाक देने वाला मदरसा संचालक है और महिला ने इसकी शिकायत पुलिस से की है।
झूठ बोलकर की शादी
बहेड़ी कस्बे की रहने वाली एक महिला का निकाह उत्तराखंड के सितारगंज के मौलवी से 19 साल पहले हुआ था। मौलवी मदरसे का संचालन भी करता है। आरोप है कि मौलवी पहले से ही शादीशुदा था और उसने ये झूठ बोलकर महिला से निकाह किया था कि उसकी पहली बीवी की कोई औलाद नहीं है लेकिन उसकी पहली बीवी से आठ बच्चे थे जबकि दूसरी बीवी ने मौलवी की तीन संतानों को जन्म दिया। इसके बाद भी उसके शौहर के एक अन्य महिला से अवैध संबंध बने हुए थे जब महिला ने इसका विरोध किया तो शौहर ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
पुलिस में की शिकायत
अवैध संबंघों के विरोध के कारण तलाक का दंश झेलने वाली महिला ने इन्साफ के लिए पुलिस से शिकायत की है और शौहर पर कार्रवाई की मांग की है।