फाइक इंक्लेव निवासी ठेकेदार जावेद अली को मंगलवार रात व्हाट्सएप कॉल और संदेशों के माध्यम से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई थी। आरोपी ने घर में घुसकर हत्या करने की बात भी कही थी। पीड़ित ठेकेदार की ओर से थाना बारादरी में इस संबंध में एक नामजद तहरीर दी गई थी
बरेली। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार जावेद अली को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने रायबरेली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान जनपद बदायूं निवासी शरीफ अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को शांति भंग की धारा में चालान कर कोर्ट में किया, जहां से उसे निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
फाइक इंक्लेव निवासी ठेकेदार जावेद अली को मंगलवार रात व्हाट्सएप कॉल और संदेशों के माध्यम से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई थी। आरोपी ने घर में घुसकर हत्या करने की बात भी कही थी। पीड़ित ठेकेदार की ओर से थाना बारादरी में इस संबंध में एक नामजद तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस की तकनीकी टीम ने जब आरोपी के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि वह रायबरेली के मिल बाजार क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को आरोपी शरीफ अहमद को गिरफ्तार कर लिया और उसे बरेली लाकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह तीन वर्ष पूर्व जावेद अली के साथ सुपरवाइजर के रूप में कार्य करता था। उसका आरोप था कि कार्य के बदले में उसे मिलने वाली मजदूरी की कुछ धनराशि बकाया रह गई थी। इसी कारण गुस्से में आकर उसने व्हाट्सएप के माध्यम से गाली-गलौज और धमकियां दी थीं। वहीं ठेकेदार जावेद अली का कहना है कि वो उसे जानते भी नहीं हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल धमकी देने में किया था, वह पंजाब के अजनाला, जिला अमृतसर स्थित कोहली स्कूल के पते पर लिया गया था। इस तथ्य ने पुलिस की जांच को और जटिल बना दिया था, लेकिन कार्रवाई के चलते आरोपी को जल्द ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आरोपी शरीफ अहमद को शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत चालान करते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया है।