विकास भवन सभागार में सोमवार को हुई मण्डलीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर भूपेन्द्र एस चौधरी पूरी तरह हमलावर मूड में नजर आए। बैठक शुरू होते ही उन्होंने अफसरों को सीधी चेतावनी दी किसानों के हक की रियायती यूरिया अगर किसी भी कीमत पर उद्योगों तक पहुंची, तो सीधे जिम्मेदार अफसरों पर गाज गिरेगी। जांच नहीं, कार्रवाई होगी।
बरेली। विकास भवन सभागार में सोमवार को हुई मण्डलीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर भूपेन्द्र एस चौधरी पूरी तरह हमलावर मूड में नजर आए। बैठक शुरू होते ही उन्होंने अफसरों को सीधी चेतावनी दी किसानों के हक की रियायती यूरिया अगर किसी भी कीमत पर उद्योगों तक पहुंची, तो सीधे जिम्मेदार अफसरों पर गाज गिरेगी। जांच नहीं, कार्रवाई होगी।
कृषि विभाग की समीक्षा में जब अफसरों ने खाद की उपलब्धता सामान्य बताई और बिना सब्सिडी यूरिया की कीमत 1800 रुपये बताई, तो कमिश्नर का पारा चढ़ गया। उन्होंने दो टूक कहा कि सस्ती यूरिया की कालाबाजारी और दुरुपयोग प्रशासन की नाकामी है। अब कागजी रिपोर्ट नहीं, जमीनी सच्चाई सामने लाई जाए।
धान खरीद के मुद्दे पर कमिश्नर ने अफसरों को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि किसानों को केंद्रों से बहाने बनाकर भगाया जा रहा है। लक्ष्य का 89 प्रतिशत धान खरीद का दावा सुनते ही कमिश्नर ने साफ कहा आंकड़ों से नहीं, किसानों की संतुष्टि से अफसरों का काम आंका जाएगा। लापरवाही सामने आई तो सीधे कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में कई गांवों में कम संस्थागत प्रसव पर कमिश्नर का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि जहां अस्पताल हैं, डॉक्टर हैं, वहां डिलवरी क्यों नहीं हो रही इसका जवाब चाहिए। जरियनपुर और पूरनपुर में सिजेरियन न हो पाने पर अधिकारियों से तीखे सवाल किए गए। साथ ही अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर बरती जा रही ढिलाई पर भी कड़ी फटकार लगाई गई।
छात्रवृत्ति योजना, पीएम-एबीएचआईएम, मुख्यमंत्री कम्पोजिट स्कूल और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान भी कमिश्नर का रुख सख्त रहा। युवा उद्यमी योजना में सिर्फ 61 प्रतिशत ऋण वितरण पर नाराजगी जताते हुए काम की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। साफ कहा कि समय सीमा में काम नहीं हुआ तो बहाने नहीं चलेंगे। कर-करेत्तर समीक्षा में राज्य कर वसूली में बरेली जोन के प्रदेश में पहले स्थान पर रहने पर संतोष जताया गया, लेकिन स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन में 88 प्रतिशत वसूली पर और सख्ती के संकेत दिए गए। बोगस फर्मों की चेन पर हमला बोलते हुए कमिश्नर ने कहा अब संरक्षण नहीं, सफाया होगा।
आबकारी विभाग को ओवररेटिंग पर काबू पाने की सख्त हिदायत दी गई। वहीं परिवहन विभाग की कमजोर प्रवर्तन कार्रवाई पर कमिश्नर ने चेताया सड़क पर नियम तोड़ने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। राजस्व मामलों में पांच साल से अधिक पुराने वादों को लेकर कमिश्नर ने साफ कहा कि अब फाइलें धूल खाने के लिए नहीं, निस्तारण के लिए चलेंगी। बैठक में बरेली, बदायूं और पीलीभीत के जिलाधिकारी समेत मण्डल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।