शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स की शुक्रवार को कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जमीनी हकीकत परखी। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन, सचिव और अन्य वरिष्ठ अभियंताओं के साथ किए गए इस मैराथन निरीक्षण में कमिश्नर ने साफ कहा कि तय समय-सीमा और गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बरेली। शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स की शुक्रवार को कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जमीनी हकीकत परखी। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मनिकंडन, सचिव और अन्य वरिष्ठ अभियंताओं के साथ किए गए इस मैराथन निरीक्षण में कमिश्नर ने साफ कहा कि तय समय-सीमा और गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सबसे पहले रामगंगा नगर आवासीय योजना (सेक्टर-2) स्थित भव्य रामायण वाटिका का निरीक्षण किया गया। भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा, मियावाकी वन क्षेत्र, आकर्षक लैंडस्केपिंग और रोशनी की उत्कृष्ट व्यवस्था देखकर आयुक्त संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि यह स्थल बरेली की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।
इसके बाद सेक्टर-7 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कन्वेंशन सेंटर पहुंचे आयुक्त ने मल्टी-स्पोर्ट्स एरीना, दर्शक दीर्घा, पार्किंग और सभागार के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम की गति बढ़ाई जाए और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए। ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में करीब एक लाख वर्गमीटर में विकसित हो रहे रूद्रावनम् पार्क का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने इसे शहर की भविष्य की पहचान बताया। उन्होंने समय के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए इसे विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया।
बड़हे बाईपास और पीलीभीत रोड पर प्रस्तावित नई टाउनशिप के स्थल का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने सड़क नेटवर्क, वाणिज्यिक क्षेत्रों, हरित पट्टियों और सामुदायिक सुविधाओं को संतुलित रूप से शामिल करते हुए बेहतर शहरी डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में आयुक्त ने दो टूक कहा कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी होंगी। सौंदर्यीकरण, सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक के उपयोग में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं चलेगी। बीडीए के इन प्रोजेक्ट्स से आने वाले समय में बरेली शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई गई।