इज्जतनगर थाना क्षेत्र के आकांक्षा एनक्लेव निवासी राज आर्य की आत्महत्या मामले में आरोपी पत्नी सिमरन जेल से जमानत पर रिहा हो गई है। रिहाई के बाद अब सिमरन ने प्रशासन से अपने ससुराल में दोबारा रहने की अनुमति मांगी है। जबकि ससुराल पक्ष अभी भी उस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध में है।
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के आकांक्षा एनक्लेव निवासी राज आर्य की आत्महत्या मामले में आरोपी पत्नी सिमरन जेल से जमानत पर रिहा हो गई है। रिहाई के बाद अब सिमरन ने प्रशासन से अपने ससुराल में दोबारा रहने की अनुमति मांगी है। जबकि ससुराल पक्ष अभी भी उस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध में है।
राज आर्य ने अप्रैल 2024 में शाहजहांपुर निवासी सिमरन से शादी की थी। शादी के कुछ महीनों बाद से ही दंपती के बीच रिश्ते बिगड़ने लगे। राज के भाई सुरेश आर्य के मुताबिक, सिमरन ने अपने भाई सागर, जो बरेली पुलिस में कांस्टेबल है, समेत अन्य परिजनों के साथ मिलकर राज को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
सिमरन ने महिला थाने में दहेज उत्पीड़न की झूठी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद राज को पुलिस ने हिरासत में लिया और मारपीट भी की गई। इसके अलावा सिमरन सोशल मीडिया पर धमकी भरे स्टेटस लगाकर उसे डराया करती थी। इस उत्पीड़न से मानसिक रूप से टूट चुके राज ने फरवरी 2025 में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
राज की मौत के बाद सुरेश आर्य की शिकायत पर सिमरन, उसके भाई सागर, माता-पिता, बहन और बहनोई समेत सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ। जांच के बाद सिमरन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी लंबित है।
करीब डेढ़ माह जेल में रहने के बाद, सिमरन को अदालत से जमानत मिल गई। अब उसने प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र सौंपकर इजाजत मांगी है कि वह फिर से अपने पति के घर में रह सके। जबकि राज के परिजन इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिमरन की वजह से ही राज ने अपनी जान दी, ऐसे में उसका ससुराल में रहना असंभव है।
राज के परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि बचे हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और सिमरन को ससुराल में आने से रोका जाए। पुलिस मामले की दोबारा जांच और साक्ष्य संकलन में लगी है।
इज्जतनगर थाना प्रभारी का कहना है कि "मामला संवेदनशील है, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कानून के मुताबिक कार्यवाही होगी।"