रसोई गैस की लगातार किल्लत और बढ़ती मांग के बीच शहर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सघन आबादी वाले पांच प्रमुख इलाकों में अब सिलेंडर की झंझट खत्म करने की तैयारी तेज हो गई है।
बरेली। रसोई गैस की लगातार किल्लत और बढ़ती मांग के बीच शहर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सघन आबादी वाले पांच प्रमुख इलाकों में अब सिलेंडर की झंझट खत्म करने की तैयारी तेज हो गई है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) लाइन बिछाने के लिए सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड ने कवायद तेज कर दी है, जिससे हजारों घरों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।
पटेल विहार, चौकी चौराहा, चौपुला, सुभाषनगर और आंचल कॉलोनी, ये वो पांच इलाके हैं जहां सबसे पहले पीएनजी नेटवर्क बिछाया जाएगा। इन क्षेत्रों में सर्वे पूरा हो चुका है और हजारों लोगों ने कनेक्शन लेने पर सहमति भी दे दी है। अब अंतिम मंजूरी के बाद जमीन पर काम शुरू होने जा रहा है।
पिछले एक महीने से एलपीजी की किल्लत ने लोगों की रसोई की रफ्तार रोक दी है। बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, शादियां और कार्यक्रम तक प्रभावित हो रहे हैं। इसी संकट ने पीएनजी की मांग को अचानक उछाल दिया है—सिर्फ एक महीने में करीब 400 नए घरेलू आवेदन सामने आए हैं, जबकि होटल-ढाबा और फैक्ट्री सेक्टर से भी मांग तेजी से बढ़ी है।
योजना के तहत पहले मुख्य सड़कों के किनारे बड़ी पाइपलाइन डाली जाएगी, इसके बाद गलियों में सेकेंड्री लाइन बिछेगी और फिर घर-घर मीटर व कनेक्शन दिए जाएंगे। दावा है कि काम चरणबद्ध तरीके से तेज रफ्तार में पूरा किया जाएगा ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
लोक निर्माण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत कई विभागों से पहले ही एनओसी मिल चुकी है। अब सिर्फ नगर निगम की अंतिम अनुमति बाकी है। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, कार्यदायी एजेंसी मैदान में उतर जाएगी और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।
सीयूजीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक जितेंद्र गौतम के मुताबिक, नए कनेक्शन पर छूट की तारीख बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। अब 2000 रुपये की छूट के बाद 5000 रुपये में कनेक्शन मिलेगा, साथ ही पहले बिल पर 500 रुपये की अतिरिक्त राहत दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, बरेली में पहले ही 56,789 पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं। बदायूं रोड, सिविल लाइंस, इज्जतनगर, रामपुर रोड, सीबीगंज समेत कई इलाकों में सप्लाई चालू है। अब इस नेटवर्क को और घनी आबादी तक विस्तार देने की तैयारी है।
सीयूजीएल अधिकारियों का कहना है कि पीएनजी न सिर्फ सस्ता और सुरक्षित है, बल्कि यह एलपीजी का स्थायी विकल्प बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में शहर के और इलाकों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।