नगर निगम बरेली की तिजोरी पर बड़ा झटका लगा है। विज्ञापन से हर साल करीब 5.50 करोड़ रुपये की कमाई करने वाले निगम की आय का जरिया अचानक ठप पड़ गया है। वजह ये कि हाईकोर्ट ने विज्ञापन उपविधि 2020 को असंवैधानिक घोषित कर दिया, और सुप्रीम कोर्ट ने भी 25 अप्रैल 2025 को इस पर मुहर लगाते हुए आदेश दे दिया कि 1 जून से ये फैसला लागू होगा।
बरेली। नगर निगम बरेली की तिजोरी पर बड़ा झटका लगा है। विज्ञापन से हर साल करीब 5.50 करोड़ रुपये की कमाई करने वाले निगम की आय का जरिया अचानक ठप पड़ गया है। वजह ये कि हाईकोर्ट ने विज्ञापन उपविधि 2020 को असंवैधानिक घोषित कर दिया, और सुप्रीम कोर्ट ने भी 25 अप्रैल 2025 को इस पर मुहर लगाते हुए आदेश दे दिया कि 1 जून से ये फैसला लागू होगा।
तब तक निगम के पास ठेके पर काम करने वाली कंपनी मैसर्स एडटैक प्रिंट एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध था, जो 31 मई को खत्म हो गया। अब निगम के पास विज्ञापन शुल्क वसूली का कोई पक्का आधार नहीं है।
निगम ने नई विज्ञापन उपविधि का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे गजट में प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद 30 दिन तक जनता से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। निगम बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा, ताकि नए नियमों पर जल्द से जल्द अमल शुरू हो सके।
नई उपविधि लागू होने में कम से कम छह से सात महीने का वक्त लग सकता है। ऐसे में निगम को करोड़ों की चपत लगने का खतरा है। इस नुकसान से बचने के लिए निगम ने ई-ऑफर सिस्टम का रास्ता चुना है। इसके तहत ऑनलाइन बोली के जरिए विज्ञापन स्थलों का ठेका दिया जाएगा, ताकि राजस्व का नुकसान न हो।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा नई उपविधि का ड्राफ्ट तैयार है, बोर्ड की मंजूरी के बाद गजट में प्रकाशन कराया जाएगा। इस बीच राजस्व की भरपाई के लिए ई-ऑफर प्रणाली शुरू की जा रही है।