बरेली। बिजली और बैंक के बकायेदारों पर आखिरकार प्रशासन का शिकंजा कस गया है। सदर तहसील प्रशासन ने छह बड़े बकायेदारों के खिलाफ कुर्की आदेश जारी करते हुए उनकी चल-अचल संपत्तियों की रिपोर्ट मांगी है।
बरेली। बिजली और बैंक के बकायेदारों पर आखिरकार प्रशासन का शिकंजा कस गया है। सदर तहसील प्रशासन ने छह बड़े बकायेदारों के खिलाफ कुर्की आदेश जारी करते हुए उनकी चल-अचल संपत्तियों की रिपोर्ट मांगी है। इन पर कुल ₹84.18 लाख की बकायेदारी दर्ज है।
तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने राजस्व निरीक्षक को आदेश दिया है कि सभी बकायेदारों की संपत्ति का ब्योरा तत्काल प्रस्तुत करें। कुर्की आदेश के तामीले की कार्रवाई भी संबंधित मकानों पर शुरू हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, गद्दी वाला चक महमूद निवासी गुलाम नबी पर बिजली निगम का ₹26,57,095 का बकाया है।
भूसे की टाल निवासी साबिर पर ₹10,00,668 तथा चक ओल्ड सिटी निवासी शहजाद पर ₹5,34,481 का बिजली बिल बकाया पाया गया है।
इन तीनों के खिलाफ विभाग ने कठोर रुख अपनाते हुए राजस्व वसूली अधिनियम के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है।
कलापुर निवासी जुगल किशोर पर एक बैंक का ₹12,03,271 का बकाया है, जबकि राजेंद्रनगर के एसआर इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर मानसी अरोरा पर ब्याज सहित ₹11,84,038 रुपये की बकायेदारी दर्ज है।
वहीं, रजत अग्रवाल पर ₹18,39,341 रुपये का बकाया होने पर कानूनगो से उनकी संपत्ति कुर्क करने की रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी क्रम में मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण (एमएसीटी) ने भी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को झटका दिया है। अभिकरण ने ₹54.02 लाख की राशि पर 7 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज (22 अक्टूबर 2018 से भुगतान की तिथि तक) वसूलने का आदेश जारी किया है।
अभिकरण के पीठासीन अधिकारी क्षितिज कुमार श्रीवास्तव ने डीएम को तीन अक्टूबर को पत्र भेजकर 18 अक्टूबर तक वसूली की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
निर्धारित समय सीमा में बकाया जमा नहीं किया गया, तो संबंधित बकायेदारों की संपत्ति को कुर्क कर राजस्व में समायोजित किया जाएगा। तहसील सदर टीम ने सभी बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।