इज्जतनगर और बहेड़ी इलाके में दहशत का पर्याय बने तीन नामों पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर दी। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत सुमित सक्सेना, सुमित यादव और बहेड़ी के ताहिर को जिला बदर करने का आदेश जारी कर दिया है।
बरेली। इज्जतनगर और बहेड़ी इलाके में दहशत का पर्याय बने तीन नामों पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर दी। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत सुमित सक्सेना, सुमित यादव और बहेड़ी के ताहिर को जिला बदर करने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है और तीनों को 24 घंटे के भीतर जिले की सीमा से बाहर छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वीर सावरकर नगर निवासी सुमित सक्सेना लंबे समय से मारपीट, धोखाधड़ी और अवैध कब्जों के मामलों में चर्चित रहा है। पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम पिस्टल दिखाकर धमकाने, जमीनों पर कब्जा कराने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्तियां हथियाने जैसे गंभीर आरोपों के साथ दर्ज है। सुमित सक्सेना के खिलाफ बारादरी, प्रेमनगर इज्ज़तनगर समेत कई थानों में करीब 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सुमित यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी और गुंडागर्दी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिपोर्ट में उसकी गतिविधियों को कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया गया है।
बहेड़ी के भौना गांव निवासी ताहिर का नाम भी अपराध की फेहरिस्त में लंबे समय से शामिल रहा है। उस पर स्मैक तस्करी, जबरन धर्म परिवर्तन कराने, मारपीट और गुंडागर्दी के आरोप हैं। हल्द्वानी निवासी चंद्रप्रकाश खंडूजा की जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराने का मामला भी चर्चा में रहा। ताहिर का पिता बड़े लला भी पुराना हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि छह माह की अवधि में यदि ये तीनों जनपद की सीमा में नजर आए तो तत्काल गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रतियां संबंधित थानों को भेज दी गई हैं और पुलिस को सख्ती से अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।
बारादरी थाना क्षेत्र में गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में शाहनवाज उर्फ बबलू (जोगी नवादा) को चार माह और अमन कश्यप (हरुनगला) को छह माह तक पाबंद किया गया है। दोनों को हर माह के प्रथम और तृतीय रविवार को थाने में हाजिरी लगानी होगी।