रमजान के मुकद्दस महीने के आखिरी पड़ाव पर अब सबकी नजरें आसमान पर टिक गई हैं। दरगाह आला हजरत/ताजुश्शरिया की ओर से 19 मार्च, जुमेरात को ईद के चांद देखने का एहतिमाम करने की अपील की गई है।
बरेली। रमजान के मुकद्दस महीने के आखिरी पड़ाव पर अब सबकी नजरें आसमान पर टिक गई हैं। दरगाह आला हजरत/ताजुश्शरिया की ओर से 19 मार्च, जुमेरात को ईद के चांद देखने का एहतिमाम करने की अपील की गई है। चांद नजर आते ही रमजान का समापन होगा और ईद-उल-फितर की खुशियां शुरू हो जाएंगी।
जानशीन-ए-ताजुश्शरिया काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में गठित टीम ने स्पष्ट किया है कि यदि 19 मार्च को चांद नजर आ जाता है तो 20 मार्च (जुमे) को ईद मनाई जाएगी। वहीं यदि चांद दिखाई नहीं देता और कहीं से शरई गवाही भी प्राप्त नहीं होती है, तो 30 रोजे पूरे कर 21 मार्च (शनिवार) को ईद मनाई जाएगी।
मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी, मुफ्ती अफजाल, कारी काजिम रजा समेत अन्य उलेमा की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई है। बरेली के साथ-साथ रामपुर, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, हल्द्वानी और मुरादाबाद में भी नुमाइंदे तैनात किए गए हैं, ताकि कहीं भी चांद नजर आने पर तुरंत सूचना मिल सके। वहीं जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने बताया कि चांद देखना सुन्नत है और इसके लिए दरगाह पर विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने उलेमा और आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं चांद नजर आए तो उसकी शरई गवाही के लिए तुरंत मरकजी दारुल इफ्ता, दरगाह आला हजरत से संपर्क करें, ताकि समय पर आधिकारिक एलान किया जा सके।
चांद की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिसमें फरमान मियां: 7351172555, मुफ्ती नश्तर फारूकी: 9870669448, सैयद अजीमुद्दीन: 9808800888, कारी काजिम: 7017436062 का नंबर जारी किया है। फरमान मियां ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ईद के मौके पर जिलेभर में साफ-सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था सुचारू रखी जाए। साथ ही अमन-चैन बनाए रखने और किसी भी असामाजिक तत्व पर नजर रखने की भी अपील की गई है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।