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25 मार्च को शिक्षा का महाअभियान, 53 हजार बालवाटिकाओं में एक साथ गूंजेगा ‘नवआरंभ उत्सव’

प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती देने और नौनिहालों को स्कूल की दहलीज तक लाने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। 25 मार्च को बरेली समेत पूरे प्रदेश की 53,074 बालवाटिकाओं में एक साथ ‘नवआरंभ उत्सव’ मनाया जाएगा।

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बरेली। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती देने और नौनिहालों को स्कूल की दहलीज तक लाने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। 25 मार्च को बरेली समेत पूरे प्रदेश की 53,074 बालवाटिकाओं में एक साथ ‘नवआरंभ उत्सव’ मनाया जाएगा। इस आयोजन के जरिए तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का नामांकन बढ़ाने और अभिभावकों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा। मंडलायुक्त बरेली भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि मंडल में इस उत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बरेली में 1007, शाहजहांपुर में 1099, बदायूं में 758, पीलीभीत में 531 बालवाटिका केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।

नामांकन पर फोकस, छोटे बच्चों को स्कूल से जोड़ने का अभियान

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 3 से 4 साल के बच्चों का बालवाटिका में नामांकन बढ़ाना है। वहीं, छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का परिषदीय स्कूलों की कक्षा-1 में प्रवेश भी सुनिश्चित कराया जाएगा। सरकार चाहती है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा से वंचित न रहे और हर घर से बच्चों को स्कूल तक जोड़ा जाए।

सांस्कृतिक रंग और शिक्षा का संगम अभिभावकों को दिखेगी असली तस्वीर

नवआरंभ उत्सव के दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। बच्चों द्वारा गीत, नृत्य और गतिविधियों की प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही अभिभावकों को बालवाटिका की पूरी व्यवस्था-लर्निंग कॉर्नर, खेल सामग्री, बैठने की व्यवस्था और शिक्षण पद्धति-का लाइव प्रदर्शन कराया जाएगा, ताकि वे खुद स्कूल के माहौल को समझ सकें।

नीति 2020 के लक्ष्य पर फोकस, 2030 तक हर बच्चे तक शिक्षा

यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार ने 2030 तक सभी बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर बच्चों को मुख्यधारा में लाने की रणनीति अपनाई जा रही है।

हर स्कूल को मिलेगा बजट 1592 लाख का प्लान

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार ने 1592.22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। प्रत्येक विद्यालय को करीब 3000 रुपये दिए जाएंगे, जिससे बैनर, पोस्टर, गतिविधियां और अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जबकि निगरानी प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए होगी।