
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने ईद को लेकर साफ और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईद खुशी, भाईचारे और इबादत का दिन है, इसे किसी भी सूरत में गम या विरोध का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। रमजान के पूरे महीने की इबादत के बाद यह दिन खुशियां बांटने और एक-दूसरे को मुबारकबाद देने के लिए आता है।
मौलाना रजवी ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां के पैगाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति के कहने पर धार्मिक त्योहार का स्वरूप नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि मुसलमान किसी के बहकावे में न आएं और ईद जैसे पाक दिन को इबादत और खुशियों के लिए ही सुरक्षित रखें। मौलाना ने साफ कहा कि ईद के दिन काले कपड़े पहनना, काली पट्टी बांधना या किसी तरह का प्रदर्शन करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर दुआ जरूर करें, लेकिन त्योहार को विरोध का माध्यम न बनाएं। ऐसा करने से ईद की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने नमाज को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सड़कों पर अदा करने से बचें। उन्होंने बताया कि मस्जिदों में जगह कम होने पर इमाम बदलकर एक से अधिक जमात कराई जा सकती है, ताकि सभी लोग आसानी से नमाज अदा कर सकें और व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। साथ ही सभी लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द को बनाए रखें। अंत में मौलाना ने सभी देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह त्योहार प्रेम, संयम और एकता का संदेश देता है, जिसे हर हाल में कायम रखना चाहिए।
Published on:
18 Mar 2026 03:41 pm
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