Bareilly Neews: सड़क से लेकर थाने तक फैमिली का हाई वोल्टेज ड्रामा लोगों के कौतूहल का विषय बना रहा।मामला एक ट्रांसपोर्टर की पत्नियों और छह साल के बच्चे पर अधिकार को लेकर था।
बरेली। सड़क से लेकर थाने तक फैमिली का हाई वोल्टेज ड्रामा लोगों के कौतूहल का विषय बना रहा।मामला एक ट्रांसपोर्टर की पत्नियों और छह साल के बच्चे पर अधिकार को लेकर था। एक महिला थाने पहुंची और आरोप लगाया कि उसके पति की चार पत्नियां हैं, जिनमें दूसरी पत्नी उसके बेटे को स्कूल से अपने साथ ले गई है और अब वापस नहीं कर रही। मामला यहीं नहीं रुका। कुछ देर बाद दूसरी महिला भी थाने पहुंच गई और उसने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि बच्चा मेरा है। इसके बाद थाने में रिश्तों, पत्नियों, लिव-इन और बच्चों के दस्तावेजों का ऐसा चैप्टर खुला कि पुलिस भी उलझ गई।
पहली पत्नी का आरोप था कि दूसरी महिला जबरन उसके बेटे को अपने साथ ले गई। दूसरी महिला ने जवाब दिया कि बच्चा उसी का है और स्कूल के सभी रिकॉर्ड में मां के नाम की जगह उसी का नाम दर्ज है। पुलिस ने जब बच्चे से जुड़े दस्तावेज खंगाले तो जन्म प्रमाण पत्र से लेकर स्कूल रिकॉर्ड तक दूसरी महिला का नाम ही सामने आया। इसके बाद मामला और दिलचस्प हो गया।
पुलिस ने जब ट्रांसपोर्टर से पूछताछ की तो उसने बड़ी सहजता से तीन पत्नियां होने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि पहली पत्नी से उसके तीन बच्चे हैं। बाद में दूसरी महिला के साथ लिव-इन में रहने लगा, जिससे उसे एक बेटा हुआ।
इतना ही नहीं, पूछताछ में उसने तीसरी पत्नी की कहानी भी सुना दी। बताया कि ट्यूशन पढ़ाने आने वाली महिला से प्रेम संबंध हो गए थे। बाद में महिला ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमे से बचने के लिए उससे शादी करनी पड़ी।
पूरे मामले में सबसे ज्यादा परेशान पुलिस नजर आई। थाने में घंटों चली पंचायत के बाद पुलिस ने साफ किया कि यह पारिवारिक विवाद है और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर बच्चा दूसरी महिला का ही प्रतीत हो रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सभी महिलाएं एक-दूसरे के बारे में पहले से जानती थीं। किसी बात पर विवाद बढ़ा तो मामला थाने तक पहुंच गया। फिलहाल बच्चे को दूसरी महिला के पास ही रहने दिया गया है।