बरेली

तलाक पीड़िताओं ने प्रधानमंत्री से की ऐसी मांग कि मौलवियों और मुस्लिमों के होश उड़ जाएंगे

मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिख कर मेहर की रकम के साथ ही दहेज वापस दिलाने और तलाक पीड़ित महिला के बच्चों को उनका हक दिलाने एवं बहु विवाह जैसी प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है।

2 min read
Jun 01, 2019
तलाक पीड़िताओं ने प्रधानमंत्री से की ऐसी मांग कि मौलवियों और मुस्लिमों के होश उड़ जाएंगे

बरेली। केंद्र में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद तलाक पीड़िताओं में उम्मीद की एक नई किरण जली है। तलाक पीड़ित महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेहर की रकम वापस दिलाने की मांग की है। मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिख कर मेहर की रकम के साथ ही दहेज वापस दिलाने और तलाक पीड़ित महिला के बच्चों को उनका हक दिलाने एवं बहु विवाह जैसी प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है।

ये भी पढ़ें

मेहर की रकम हो वापस

मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी का कहना है कि पीएम मोदी ने तीन तलाक पर बिल लाकर तलाक पीड़ित महिलाओं को बड़ी राहत दी थी। उनका कहना है कि मोदी सरकार लाने में मेरा हक फाउंडेशन से देश भर में जुड़ी तमाम मुस्लिम महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में हमारा संगठन जो तलाक, हलाला, बहु विवाह और महिला उत्पीड़न के मामलों को उठाता रहा है और उनके हक के लिए लड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि वो और उनसे जुडी तमाम पीड़ित महिलाएं पीएम मोदी से आशा करती हैं कि तीन तलाक बिल के साथ साथ महिलाओं को मेहर ( जो रकम शादी के वक्त तय की जाती है ) और दहेज का समान वापस दिलाया जाए इसके साथ ही पीड़ित महिला और उसके बच्चे की परवरिश के लिए पति और ससुराल द्वारा रकम तय की जाए जिससे कि पीड़ित महिला अपने बच्चे की अच्छी तरह से परवरिश कर सके।

ये भी पढ़ें

इन मुद्दों को भी शामिल करें सरकार

फरहत नकवी का कहना है कि सरकार से उन्हें उम्मीद है कि वो तीन तलाक बिल को मजबूत करने के लिए इन मुद्दों को भी शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि तमाम मुस्लिम महिलाएं पीएम के साथ है और शरीयत क़ानून का सम्मान करती हैं। हम लोग ऐसे धर्म के ठेकेदारों का विरोध करती हैं जो कि इस्लाम की गलत तस्वीर पेश कर इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं और मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

Published on:
01 Jun 2019 01:22 pm
Also Read
View All