बरेली

निशा धर्म बदलकर बनी रधिका, उत्पीड़न से परेशान होकर राजेश संग लिए सात फेरे

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली निशा ने प्यार की खातिर अपना मजहब बदल लिया। उसने बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में धर्म परिवर्तन कराया और अपना नाम राधिका रख लिया।

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May 19, 2024
निशा और राजेश ने किया प्रेम विवाह।

बरेली। उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली निशा ने प्यार की खातिर अपना मजहब बदल लिया। उसने बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में धर्म परिवर्तन कराया और अपना नाम राधिका रख लिया। मुस्लिम लड़की निशा अब राधिका के नाम से जानी जाएगी। शादी के बाद कहा कि मुस्लिम में भी दहेज चलता है। तीन तलाक हलाला जैसी तमाम कुरीतियां व्याप्त हैं इसीलिए सनातन धर्म को स्वीकार किया। सनातन धर्म में महिलाओं की इज्जत है। उनका पूरा सम्मान होता है। राजेश हरिद्वार में एक बिजली फैक्ट्री में नौकरी करते हैं।

उत्पीड़न से आहत निशा ने घर छोड़ा
इस्लाम में महिलाओं के उत्पीड़न से आहत निशा ने घर छोड़ दिया। प्रेमी राजेश संग सात फेरे लेने के लिए कई दिनों तक भटकीं। फिर बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम के बारे में जानकारी हुई। यहां आश्रम के आचार्य केके शंखधार से मिलकर पूरा घटनाक्रम बताया और बालिग होने के प्रपत्र सौंपे। इसके बाद निशा का शुद्धिकरण कराकर आचार्य ने विवाह की रस्म पूरी कराई। राजेश से विवाह के बाद निशा की नई पहचान अब राधिका बन गई है।

मूल रूप से निशा बिजनौर की है, प्रेम कहानी इनकार से हुई शुरू
निशा और राजेश की प्रेम कहानी इनकार से शुरू हुई। पांच साल पहले शुरू हुई इनकी प्रेम कहानी को शनिवार को नया मुकाम मिला। निशा उर्फ राधिका ने बताया कि उनके पिता का नाम जाकिर है। वह बिजनौर के एक गांव सबदलपुरपुर की रहने वाली है। तीन भाइयों में इकलौती बहन है। जबकि उनके प्रेमी राजेश कुमार बिजनौर के ही नहटौर स्थित मुकीमपुर गांव के निवासी हैं। राजेश के अनुसार, सबदलपुर गांव में उनकी रिश्तेदारी है जिसके चलते वहां आना जाना रहता था। पांच साल पूर्व निशा से उनकी मुलाकात हुई।

दोनों ने एक होने का फैसला किया
धीरे-धीरे बातचीत का दौर शुरू हुआ और दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे। दोनों ने एक होने का फैसला किया। निशा ने बताया कि एक दिन राजेश ने रास्ते में उसे रोका और प्यार का इजहार कर अपना नंबर दिया। निशा ने पहले इनकार किया। बाद में राजेश से फोन पर बातचीत शुरू हो गई। निशा के मुताबिक राजेश ने कहा था कि मुझे कभी धोखा मत देना। उससे शादी का प्रस्ताव रखा। इस पर निशा ने भी हां कर दी। बीते दिनों घर छोड़कर प्रेमी के पास चली गई।

घरवालों ने किया प्रेम का विरोध
इस बीच निशा के घरवालों को राजेश से उसके संबंधों की जानकारी हो गई, जिसका घरवालों ने विरोध किया। इसी के बाद निशा ने सात मई को घर छोड़ दिया और राजेश संग चली आई। राजेश घर से निकलकर प्रयागराज, रायबरेली समेत कई जनपदों में भटके। इस बीच बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम के आचार्य केके शंखधार के बारे में जानकारी हुई। दोनों आश्रम पहुंचे। केके शंखधार ने विवाह के रस्म पूरी कराई। विवाह के बाद निशा ने अपना नया नाम राधिका रखा।

इस्लाम मेंमहिलाओं की नहीं है इज्जत
राधिका ने कहा कि इस्लाम धर्म में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है। लड़कियों को बोझ समझा जाता है। अंदाजा लगा सकते हैं कि तीन भाइयों में वह इकलौती हैं, फिर भी कोई इज्जत नहीं थी। पिता कहते थे कि तुम्हारी शादी में बहुत पैसा खर्च होगा। वह पैसा कहां से आएगा।

Updated on:
19 May 2024 01:31 pm
Published on:
19 May 2024 01:26 pm
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