
बरेली/बिजनौर। हम हैं बिजनौरी…हम हैं बिजनौरी ये सोशल मीडिया की रील नहीं साइबर सेफ्टी का मंत्र है। सोशल मीडिया और रीलों के जादू ने लोगों के दिमाग पर कब्ज़ा कर लिया है। इसी डिजिटल क्रांति के बीच, बिजनौर पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव का एक अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है। बिजनौर पुलिस ने स्थानीय बोली में गीत के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक करते हुये वीडियो तैयार कराया है। इस वीडियो को पुलिस ने अपने एक्स हैंडल पर साझा किया है।
वीडियो में स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अनजान कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश या ई-मेल में आए लिंक पर कभी भी क्लिक न करें। वहीं, बैंक, केवाईसी अपडेट, लोन, इनाम, बिजली बिल, सिम बंद होने या अकाउंट ब्लॉक होने जैसे बहानों पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
एसपी बिजनौर ने कहा कि अपना ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी को भी न बताएं, चाहे सामने वाला खुद को बैंक, पुलिस या कंपनी अधिकारी क्यों न बताए। यह नियम हर डिजिटल लेन-देन के लिए बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले फर्जी निवेश, ट्रेडिंग, पार्ट-टाइम जॉब या बड़ी कमाई के लालच में पैसे लगाने से बचें। किसी भी वेबसाइट, गूगल या प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।
अनजान व्यक्ति के कहने पर एनी डेस्क, टीमव्यूअर जैसे रिमोट ऐप इंस्टॉल करने से बचें। यह कदम आपके डिजिटल अकाउंट की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। यदि साइबर ठगी का शिकार हों, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराना न भूलें। यह आपके आर्थिक और मानसिक नुकसान को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
बिजनौर एसपी अभिषेक झा ने बताया कि यह पहल जिले में साइबर अपराध से बचाव और जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई है। उनका कहना है कि डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस वजह से सोशल मीडिया पर अलर्ट रहें। यहां अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
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Updated on:
19 Jan 2026 06:03 pm
Published on:
19 Jan 2026 06:02 pm
