
सपा जिला अध्यक्ष शिव चरण कश्यप
बरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप को पद से हटाते हुए पूरी जिला कार्यकारिणी को ही भंग कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के आदेश से बरेली सपा संगठन पर सीधी कार्रवाई की गई है, जिसे सियासी भाषा में संगठनात्मक सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है।
प्रदेश नेतृत्व की ओर से जारी आदेश में दो टूक कहा गया है कि मौजूदा जिलाध्यक्ष और उनकी टीम अब पार्टी के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी नहीं रह गए थे। आदेश की प्रतिलिपि न सिर्फ प्रदेश स्तर पर, बल्कि सीधे राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय तक भेजी गई—यानी बरेली का मामला सीधे हाईकमान तक पहुंच चुका था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक शिवचरण कश्यप बीते काफी समय से विवादों के घेरे में थे। कभी कथित हनीट्रैप और वीडियो वायरल होने की चर्चा, कभी पुलिस से बचते दिखे वीडियो, तो कभी कार्यकर्ताओं से मारपीट और टिकट वितरण में पक्षपात जैसे आरोप। इन घटनाओं ने संगठन की साख को भीतर से खोखला कर दिया था। जिले में गुटबाजी इस हद तक बढ़ चुकी थी कि वरिष्ठ कार्यकर्ता खुद को हाशिये पर महसूस करने लगे थे। बैठकों में मनमानी, अपने गुट को बढ़ावा और असहमति की आवाजों को दबाने के आरोप लगातार हाईकमान तक पहुंच रहे थे।
बताया जा रहा है कि अंदरूनी कलह का सीधा असर पार्टी की चुनावी तैयारियों पर पड़ने लगा था। बूथ स्तर पर संगठन कमजोर हो रहा था और कार्यकर्ता खुलकर असंतोष जता रहे थे। ऐसे में पुराने ढांचे के साथ आगामी उपचुनाव और विधानसभा चुनाव में उतरना पार्टी नेतृत्व को राजनीतिक जोखिम लग रहा था।
चुनावी साल से पहले सपा नेतृत्व ने बरेली में कठोर लेकिन निर्णायक कदम उठाया। संदेश साफ है—विवाद, गुटबाजी और अनुशासनहीनता अब बर्दाश्त नहीं। पूरी जिला कमेटी भंग कर पार्टी ने संकेत दे दिया है कि संगठन में अब चेहरा नहीं, प्रदर्शन चलेगा।
जिला कार्यकारिणी भंग होते ही सपा के जमीनी कार्यकर्ताओं में हलचल के साथ-साथ उत्साह भी देखने को मिला। लंबे समय से असंतुष्ट कार्यकर्ता इसे संगठन के लिए नई शुरुआत मान रहे हैं। उधर, बरेली की सियासत में नए जिलाध्यक्ष और संभावित प्रभारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। कुल मिलाकर, समाजवादी पार्टी ने बरेली में बड़ा संदेश दे दिया है—चुनाव से पहले कमजोर कड़ियों पर वार और संगठन की री-बिल्डिंग। अब निगाह इस पर टिकी है कि नई टीम के साथ सपा बरेली की सियासत में कितना बड़ा उलटफेर कर पाती
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Updated on:
19 Jan 2026 08:16 pm
Published on:
19 Jan 2026 08:15 pm
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