Unique Marriage Of Two IAS: दो IAS अफसरों की अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जानिए IAS अधिकारी अदिति वार्ष्णेय और माधव भारद्वाज के बारे में।
Unique Marriage Of Two IAS: उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली और जामनगर (Jamnagar) में SDM पद पर तैनात अदिति वार्ष्णेय ने IAS अधिकारी माधव भारद्वाज के साथ सादगीपूर्ण अंदाज में विवाह किया। यह अनोखी शादी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
शादी में पारंपरिक तामझाम से दूर रहते हुए दोनों अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एक-दूसरे को माला पहनाकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। माधव भारद्वाज वर्तमान में राजस्थान के अलवर में SDM के पद पर कार्यरत हैं।
बुधवार को दोनों ने अलवर की जिलाधिकारी डॉ. अर्तिका शुक्ला की उपस्थिति में अपनी शादी रजिस्टर्ड करवाई। कलेक्टर के चैंबर में ही वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। सादगी और गरिमा के साथ संपन्न हुई इस शादी की खबर सामने आते ही तेजी से फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
यूपी के बरेली (Bareilly) के बिहारीपुर इलाके की रहने वाली अदिति वार्ष्णेय एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। अदिति के पिता कपड़े के व्यापारी हैं, जबकि उनकी मां इंदु वार्ष्णेय गृहिणी हैं। उनकी मां का सपना था कि अदिति IAS अधिकारी बनें, लेकिन परिस्थितियों के कारण वह अपना यह सपना साकार नहीं कर सकीं।
अदिति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली के बिशप कोनराड स्कूल (Bishop Conrad School) से पूरी की। मां की अधूरी इच्छा को अपना लक्ष्य बनाते हुए उन्होंने सिविल सेवा में जाने का संकल्प लिया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जीसस एंड मैरी कॉलेज (Jesus and Mary College) से BA ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की।
स्नातक के बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला तो लिया, लेकिन सिविल सेवा की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह UPSC की तैयारी में खुद को समर्पित कर दिया। अदिति वार्ष्णेय ने अपने पहले ही प्रयास में साल 2022 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर सबको चौंका दिया। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 57वीं रैंक प्राप्त की। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के, केवल अपनी मेहनत और आत्मअनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें गुजरात कैडर आवंटित हुआ। वर्तमान में वह गुजरात के जामनगर (Jamnagar) में SDM के पद पर कार्यरत हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
IAS माधव भारद्वाज मूल रूप से उत्तराखंड के मसूरी (Mussoorie) के रहने वाले हैं। बचपन से ही उनका सपना इंजीनियर बनने का था। 12वीं के बाद उन्होंने MNNIT प्रयागराज में B.Tech कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने IIM अहमदाबाद (Ahmedabad) से MBA किया।
उच्च शिक्षा के बाद माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर उन्हें नौकरी मिली। साल 2020 में कोरोना काल के दौरान लंबे समय तक वर्क फ्रॉम होम मिला, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इसी दौरान उनके मन में IAS बनने का विचार आया और उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
दिन में ऑफिस का काम और रात में पढ़ाई—इस अनुशासन के साथ उन्होंने तैयारी जारी रखी। पहले प्रयास में वे महज 3 अंकों से अंतिम चयन से चूक गए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और साल 2022 की UPSC परीक्षा में 536वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। प्रशिक्षण के बाद उन्हें राजस्थान कैडर आवंटित हुआ और वर्तमान में वे अलवर में SDM के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
वहीं, IAS अदिति के पिता दिनेश वार्ष्णेय का कहना है कि बरेली में जल्द ही रीति-रिवाज के साथ भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है।