प्यार, शादी और साथ निभाने की कसमें… लेकिन महज दो महीने में ही यह रिश्ता खून में डूब गया। आईवीआरआई में संविदा पर तैनात युवक जितेंद्र यादव की उसकी ही पत्नी ने अपने मां-बाप के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का जामा पहनाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया।
बरेली। प्यार, शादी और साथ निभाने की कसमें… लेकिन महज दो महीने में ही यह रिश्ता खून में डूब गया। आईवीआरआई में संविदा पर तैनात युवक जितेंद्र यादव की उसकी ही पत्नी ने अपने मां-बाप के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का जामा पहनाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया।
26 जनवरी को इज्जतनगर थाना क्षेत्र की गिरजाशंकर कॉलोनी, कैलाशपुरम स्थित किराये के मकान में जितेंद्र यादव का शव फंदे से लटका मिला था। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी। रिपोर्ट में साफ हुआ कि जितेंद्र की मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या से हुई थी।
जितेंद्र और ज्योति एक साथ पढ़ते थे और लंबे समय से प्रेम संबंध में थे। 25 नवंबर 2025 को दोनों ने लव मैरिज की थी। किसी ने नहीं सोचा था कि दो महीने के भीतर यह रिश्ता मौत की वजह बन जाएगा।
पुलिस जांच में सामने आया कि जितेंद्र ने पत्नी ज्योति के खाते से 20 हजार रुपये निकालकर ऑनलाइन जुए में गंवा दिए थे। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में जबरदस्त झगड़ा हुआ। बात इतनी बढ़ गई कि प्यार नफरत में बदल गया और घर जंग का मैदान बन गया। झगड़े के दौरान ज्योति ने फोन कर अपने पिता कालीचरन और मां चमेली को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि दोनों के पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए। माता-पिता ने जितेंद्र के हाथ-पैर पकड़ लिए और उसी दौरान गुस्से में पत्नी ने उसका गला दबा दिया। कुछ ही देर में जितेंद्र की सांसें थम गईं।
हत्या के बाद तीनों आरोपियों के हाथ-पांव फूल गए। बचने के लिए उन्होंने खौफनाक साजिश रची। मफलर से शव को वेंटिलेटर की ग्रिल में बांधकर लटका दिया गया और नीचे उतरकर शोर मचाया गया कि जितेंद्र ने आत्महत्या कर ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जांच तेज की और आखिरकार 31 जनवरी को ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली देवी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड की कार्रवाई की गई है।