बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद UGC कानून पर सियासत तेज हो गई है। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि भारत में कानून संसद के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बनते हैं।
UP Cabinet Minister Sanjay Nishad Statement On UGC Act 2026: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद सियासत तेज हो गई है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। UGC को लेकर उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां कानून संसद के जरिए जनता के हित को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं।
संजय निषाद के बयान से साफ है कि सरकार UGC कानून को लागू करने के पक्ष में है। मंत्री संजय निषाद ने कहना है कि किसी भी कानून को बनाने से पहले संसद में उस पर लंबी चर्चा होती है। देश के जनप्रतिनिधि अपने-अपने विचार रखते हैं और बहुमत के आधार पर कानून पास किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद सर्वोच्च संस्था है और वहीं से देश के लिए नियम और कानून तय होते हैं।
संजय निषाद ने यह भी स्पष्ट किया कि जब कोई कानून लागू होता है, तो उसके बाद उसमें कुछ कमियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में सरकार उन खामियों पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई कानूनों में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर भविष्य में भी बदलाव किए जा सकते हैं।
मंत्री ने अपने बयान में संविधान सभा का जिक्र करते हुए कहा कि देश का संविधान भी बड़े और अनुभवी लोगों ने बनाया था। फिर भी समय के साथ यह महसूस हुआ कि कुछ प्रावधानों में भेदभाव था, जो आगे चलकर बढ़ गया। उसी अनुभव के आधार पर कई बार संविधान में भी संशोधन किए गए हैं।
संजय निषाद ने कहा कि UGC एक्ट को लेकर विवाद हो रहा है, उसका उद्देश्य भी जनता के हित में है। सरकार चाहती है कि यह कानून लागू हो और देश को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को पूरी तरह से परखने के लिए उसका लागू होना जरूरी होता है।
मंत्री ने कहा कि अगर भविष्य में UGC कानून को लेकर यह महसूस किया जाता है कि इसमें कोई दिक्कत है या जनता को परेशानी हो रही है, तो सरकार उस पर विचार करेगी। उन्होंने दोहराया कि कानून पत्थर की लकीर नहीं होता, बल्कि समय और जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव संभव है।