पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में परिजनों के हंगामे के बीच मंत्री ने खुलेआम लताड़ लगाई “तुम्हें नौकरी करना सिखा दूंगा” एसपी सुकीर्ति माधव मौके पर आए, इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए, यहां तक कि मामला मुख्यमंत्री के सामने रखने की चेतावनी तक दी गई।
पीलीभीत। संदिग्ध मौत के मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर गुस्से से लाल गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार का पारा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब शहर कोतवाल जवाब देने में हकलाते नजर आए। पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में परिजनों के हंगामे के बीच मंत्री ने खुलेआम लताड़ लगाई “तुम्हें नौकरी करना सिखा दूंगा” एसपी सुकीर्ति माधव मौके पर आए, इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए, यहां तक कि मामला मुख्यमंत्री के सामने रखने की चेतावनी तक दी गई।
लेकिन हंगामे और धमकियों के बावजूद… इंस्पेक्टर अब तक कुर्सी पर कायम हैं, यूपी सरकार में मंत्री होने के बावजूद आदेश हवा में उड़ते दिखे, सवाल उठ रहा है, आखिर किसकी नहीं चली।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी 25 वर्षीय अनिल का शव आईटीआई रोड स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय की छत पर फंदे से लटका मिला। परिजनों ने इसे सीधा-सीधा हत्या करार दिया। आरोप लगा कि प्रॉपर्टी डीलर वेदप्रकाश कश्यप समेत अन्य लोगों से रंजिश के चलते अनिल को रास्ते से हटाया गया। परिजन तहरीर लेकर भटके, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। यही चिंगारी गेस्टहाउस तक पहुंची जहां सत्ता और पुलिस आमने-सामने दिखे।
पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में जैसे ही राज्यमंत्री पहुंचे, माहौल गर्म हो गया। कोतवाल से सवाल दागे गए “रिपोर्ट क्यों नहीं लिखी?”
कोतवाल के जवाब से नाराज मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि “ये ढुलमुल रवैया बर्दाश्त नहीं… अभी हटाओ इन्हें, एसपी सुकीर्ति माधव मौके पर पहुंचे। मंत्री ने उनके सामने ही इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने को कहा और यहां तक चेतावनी दी कि मामला मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा। लेकिन ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ, दिन ढला, रात गुजरी… कोतवाल जस के तस।
गेस्टहाउस के बाहर परिजन और महिलाएं भड़क उठीं। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी हुई। एसपी की गाड़ी के सामने बैठ गए लोग। काफी देर तक तनातनी चली। आखिरकार एसपी के आश्वासन के बादप्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने जिस अंदाज में कोतवाल को फटकारा, वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। लेकिन वायरल तेवर का नतीजा शून्य क्यों, क्या मंत्री की सख्ती सिर्फ शब्दों तक सीमित रह गई, या फिर अंदरखाने कुछ और खेल चल रहा है। लग रहा है गाना राज्य मंत्री की जिले पर पकड़ कमजोर होती जा रही है। यही वजह है कि मंत्री की इतनी नाराजगी और गुस्से के बाद भी वह महज इंस्पेक्टर को भी नहीं हटवा पाए।
एसपी सुकीर्ति माधव ने कहा कि परिजनों की तहरीर पर कॉलोनाइजर व अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कोतवाल पर लगे आरोपों की जांच कराई जा रही है।