बरेली

बरेली में होगा आर्थोपेडिक सर्जनों का कुम्भ

डॉक्टर विनोद पागरानी ने बताया कि बरेली में होने वाली यूपी आर्थोकान फरवरी 2019 में होगा इसकी तैयारी में पूरा एक वर्ष का समय लगता है।
2 min read
• •
Updated: 18 Jun 2018, 6:24 PM IST
Uttar Pradesh Ortho con
बरेली में होगा आर्थोपेडिक सर्जनों का कुम्भ

बरेली। 27 साल बाद बरेली में एक बार फिर प्रदेश के जाने माने आर्थोपेडिक डॉक्टर और सर्जन एकत्र होंगे। मौका होगा उत्तर प्रदेश आर्थोकान का, पूरे 27 साल बाद इस कार्यक्रम को आयोजित करने की जिम्मेदारी बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन को मिली है। इस कार्यक्रम में 500 से 600 हड्डी रोग के विशेषज्ञ डॉक्टर/सर्जन भाग लेंगे जिसको लेकर कार्यक्रम की तैयारियां बरेली में जोर शोर से चल रही हैं। आर्थोकान की तैयारियों की कड़ी में एक इनविटेशन ब्रोशर बनवाया गया है जिसका विमोचन बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन ने किया।

कमेटी का हुआ गठन

डॉ विनोद पागरानी ने बताया कि अर्थोकोन को विधिवत करने हेतु ऑर्गनाइसिंग कमेटी का गठन किया गया है जिसकी कोर कमेटी में डॉ0 प्रमेन्द्र माहेश्वरी ऑर्गनाइसिंग चैयरमेन डॉ0 सत्येंद्र सिंह, ऑर्गनाइसिंग को चैयरमेन डॉ0 विनोद पागरानी, ऑर्गनाइसिंग सेक्रेटरी डॉ0 मनोज हिरानी, जॉइंट ऑर्गनाइसिंग सेक्रेटरी डॉ0 आदित्य माहेश्वरी, ट्रेजरार डॉ0एपी अग्रवाल, चीफ एडवाइजर डॉ0आरके श्रीवास्तव, एडवाइजर डॉ0 केशव अग्रवाल, मुख्य सरंक्षक डॉ0एस के मुखर्जी एवम डॉ रवि मेहरा को सरंक्षक बनाया गया है। डॉ0 प्रमेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि आर्थोपेडिक एसोसिएशन के सभी सदस्यों को अलग अलग विभाग की जिम्मेदारियां दी गईं हैं। डॉ0 सत्येंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आर्थोपेडिक एसोसिएशन के प्रेजिडेंट डॉ0 अतुल श्रीवास्तव, प्रेजिडेंट इलेक्ट डॉ0 जमाल अशरफ एवं डॉ0 आशीष कुमार मुख्य रूप से कोर कमेटी में हैं।


तैयारियां शुरू

डॉक्टर विनोद पागरानी ने बताया कि बरेली में होने वाली यूपी आर्थोकान फरवरी 2019 में होगा इसकी तैयारी में पूरा एक वर्ष का समय लगता है। बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन की पूरी टीम यूपी आर्थोकान की तैयारी में जुटेगी ये बरेली के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने बताया कि बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन ने इस सम्मेलन को वर्ष 1992 में कराया था पिछले पांच वर्षों से बरेली आर्थोपेडिक एसोसिएशन इस कांफ्रेंस को पुनः बरेली में कराने के लिए प्रयासरत था लेकिन जनरल बॉडी की मीटिंग में चूक जाने के कारण सफलता नहीं मिल पा रही थी। इस बार इस बड़े कार्यक्रम की मेजबानी बरेली को मिली है।

Published on: