अब हर साल टैक्स जमा कराने के लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कई श्रेणी के वाहनों पर एकमुश्त कर (वन टाइम टैक्स) लागू कर दिया है।
बरेली। अब हर साल टैक्स जमा कराने के लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कई श्रेणी के वाहनों पर एकमुश्त कर (वन टाइम टैक्स) लागू कर दिया है। नई व्यवस्था तकनीकी रूप से वाहन पोर्टल पर लाइव हो चुकी है। सरकार का दावा है कि इससे वाहन स्वामियों को राहत मिलेगी, राजस्व बढ़ेगा और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
आरटीओ पंकज सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देश पर उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 की धारा 4 में संशोधन कर यह फैसला लागू किया गया है। अब भाड़े पर चलने वाले दोपहिया, तीनपहिया, मोटर कैब, मैक्सी कैब, मालवाहन और विशेष प्रयोजन यानों पर तय प्रतिशत के हिसाब से एक बार में टैक्स लिया जाएगा। सरकार का साफ संदेश है कि प्रक्रिया आसान करो, राजस्व मजबूत करो और गैर-परिवहन वाहनों को भी परिवहन श्रेणी में लाओ।
नई व्यवस्था के तहत वाहन के मूल्य के प्रतिशत के आधार पर टैक्स तय किया गया है।
-भाड़े पर चलने वाली **दोपहिया मोटरसाइकिल: 12.5 प्रतिशत
-तिपहिया मोटर कैब: 7 प्रतिशत
-10 लाख तक के मोटर कैब/मैक्सी कैब: 10.5 प्रतिशत
-10 लाख से अधिक के मोटर कैब/मैक्सी कैब: 12.5 प्रतिशत
-जेसीबी, बुलडोजर जैसे विशेष यान: 6 प्रतिशत
-3000 किलो तक के पिकअप वाहन: 3 प्रतिशत
-3000 से 7500 किलो तक के मिनी ट्रक: 6 प्रतिशत। यानी जितनी महंगी गाड़ी, उतना भारी एकमुश्त टैक्स।
पहले से पंजीकृत वाहनों को सीधे झटका नहीं दिया गया है। ऐसे वाहनों के लिए पिछली अवधि के हर साल पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। हालांकि यह छूट अधिकतम 75 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। विभाग का कहना है कि इससे पुराने वाहन स्वामियों को नई व्यवस्था में आने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। जिले स्तर पर 20 और 21 फरवरी को विशेष परिवहन मेला आयोजित किया जा रहा है। बरेली के संभागीय परिवहन कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वाहन स्वामी नई व्यवस्था की जानकारी ले सकेंगे और मौके पर ही प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
आरटीओ पंकज सिंह ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे 20 और 21 फरवरी को आयोजित मेले में पहुंचकर नई कर व्यवस्था को समझें और एकमुश्त टैक्स योजना का लाभ लें। स्पष्ट है कि सरकार ने कर प्रणाली को नया रूप दे दिया है। अब गेंद वाहन स्वामियों के पाले में है कि वे इस मौके का फायदा उठाते हैं या फिर पुरानी जटिलताओं में उलझे रहते हैं।