
Shahabuddin Razvi Letter to Chief Minister Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मौलाना के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि अगर वक्फ बोर्डों की सच्ची और पूरी जांच हो जाए तो देश का सबसे बड़ा जमीन घोटाला सामने आ सकता है।
उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुन्नी और शिया दोनों वक्फ बोर्डों की जांच कराने की मांग की है। मौलाना रजवी लेटर में लिखा है कि वक्फ की संपत्तियां गरीब मुसलमानों, मदरसों और मस्जिदों के लिए होती हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल कई बार गलत तरीके से हो रहा है।
पत्र के जरिए मौलाना ने आरोप लगाया कि बिना जांच के ये बोर्ड चलते रहे तो लाखों एकड़ जमीन पर कब्जा करने वाले लोग बच जाते हैं।
पत्र में मौलाना ने साफ कहा कि दोनों बोर्डों की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने ये भी मांगा कि जांच में जो भी गड़बड़ियां निकलें, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मौलाना ने कहा कि सही जांच से सिर्फ गलत काम करने वालों पर शिकंजा कसेगा और वक्फ की असली संपत्तियां सही मकसद के लिए वापस आएंगी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार पहले से ही वक्फ संपत्तियों पर नजर रख रही है। केंद्र सरकार भी वक्फ कानून में बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में बरेली से आई ये मांग मुस्लिम समाज के अंदर से ही आई है, जो इसे और ज्यादा गंभीर बनाती है।
देश के कई राज्यों में वक्फ बोर्डों पर जमीन हड़पने, फर्जी दस्तावेज बनाने और कम किराए पर संपत्ति देने के आरोप लगते रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत कई जगहों पर हजारों एकड़ जमीन वक्फ के नाम पर है लेकिन उसका फायदा आम मुसलमानों तक नहीं पहुंच रहा।
वक्फ संपत्ति वो है, जो जमीन या मकान धार्मिक या सार्वजनिक काम के लिए दान में दिया जाता है। एक बार वक्फ घोषित होने के बाद वो संपत्ति कभी बेची या गलत इस्तेमाल नहीं हो सकती। लेकिन देशभर में वक्फ बोर्डों पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि कई जगहों पर अच्छी-खासी जमीनें गलत हाथों में चली गईं या किराए पर बहुत कम पैसे में दे दी गईं।