बरेली

फिर उठी उत्तर प्रदेश के बंटवारे की आवाज, पश्चिमी प्रदेश की मांग तेज

उत्तर प्रदेश के बंटवारे की आवाज एक बार फिर उठी है, पश्चिमी प्रदेश की मांग के लिए बैठक की गई।
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Dec 22, 2017
Uttar Pradesh

बरेली। उत्तर प्रदेश से पश्चिमी प्रदेश को अलग करने की मांग को लेकर पश्चिमी प्रदेश निर्माण मोर्चा की बैठक शहर के एक होटल में आयोजित हुई। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को छोटे प्रदेश में बांटने से क्या क्या फायदे होंगे विषय पर आयोजित हुई बैठक में मोर्चे के सदस्यों ने विस्तार से बताया।

अलग राज्य के गिनाए फायदे

बैठक के लिए गाजियाबाद से आए मोर्चे के केंद्रीय अध्यक्ष सतपाल यादव ( पूर्व बार अध्यक्ष, गाजियाबाद) ने बताया कि अलग प्रदेश बनने पर जो भेदभाव उत्तर प्रदेश के साथ हो रहा है, वह दूर होगा। जब पश्चिमी प्रदेश अलग बन जाएगा तो हमारी आने वाली पीढ़ी को नजदीक में ही हाईकोर्ट मिलेगा। साथ ही साथ प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार आयेगा। इस मौके पर मोर्चे के केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बनने पर युवाओं के लिए नौकरियां एवं रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। इस मौके पर केंद्रीय सचिव राजेन्द्र सिंह ने कहा कि जब तक हम अपनी बात जोर शोर से सेंट्रल के सामने नहीं करेंगे यह बनना असंभव है। इन्हीं बातों के साथ उन्होंने लोगों से कहा कि यहां सभी राजनीतिक दलों को मैं कहूंगा कि यह गैर राजनीतिक संगठन है इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं है। अभी सब के सहयोग की जरूरत है। इस अवसर पर बरेली मण्डल के संयोजक नवनीत अग्रवाल ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश अलग राज्य बनना चाहिए अगर प्रयास किया जाएं तो इसके बारे में सभी लोग सहमत हो सकते हैं।

ये रहे मौजूद

इस बैठक में किशन यादव, आभा सिंह, प्रभात सक्सेना, इंजीनियर एके जिंदल, इंजीनियर एस के गुप्ता, संजीव अग्रवाल, अनुज आहूजा, सुनील खत्री, अधिवक्ता अशोक सक्सेना, बसु सक्सेना, अंकित सक्सेना, धर्मार्थ, हिमांशु, राहुल यदुवंशी, आतिफ, कृष्ण राज, जयप्रकाश समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Published on:
22 Dec 2017 12:42 pm